BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

भारत-पनामा संबंधों को मिलेगी नई उड़ान, व्यापार से डिजिटल सहयोग तक बढ़ी साझेदारी

भारत और पनामा ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने पर सहमति जताई। व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और समुद्री सहयोग बढ़ाया जाएगा।

Jul 21
3 मिनट में पढ़ें
भारत-पनामा संबंधों को मिलेगी नई उड़ान, व्यापार से डिजिटल सहयोग तक बढ़ी साझेदारी

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026

भारत और पनामा ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-अचा वास्केज़ के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने संबंधों को व्यापक, व्यावहारिक और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी में बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई।

पांच दिवसीय भारत दौरे पर आए पनामा के विदेश मंत्री का स्वागत करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत पनामा को लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि पनामा का रणनीतिक भौगोलिक स्थान, मजबूत आर्थिक आधार और वैश्विक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क भारत के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर डॉ. जयशंकर ने लिखा कि पनामा के विदेश मंत्री से मिलकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, व्यवसाय, विकास, समुद्री मामलों, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और डिजिटल सहयोग को नई गति देने पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

रणनीतिक साझेदारी की प्रतिबद्धता

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रारंभिक संबोधन में डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और पनामा की सरकारें तथा दोनों देशों के नेतृत्व द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा एवं व्यापक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारत पनामा के साथ अधिक निकट और मजबूत संबंध चाहता है, क्योंकि पनामा रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता और विकास की अपार संभावनाओं वाला देश है।

उन्होंने विशेष रूप से पनामा नहर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वैश्विक लॉजिस्टिक्स और समुद्री व्यापार का उत्कृष्ट उदाहरण है। पनामा का आधुनिक परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स ढांचा पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। भारत जैसे तेजी से उभरते वैश्विक आर्थिक शक्ति के लिए पनामा के साथ सहयोग भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण होता जाएगा।

'विकसित भारत' के लक्ष्य में पनामा की भूमिका

डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र के साथ आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों का विस्तार भारत की विदेश नीति की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसमें पनामा की भूमिका बेहद अहम है।

व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग

वार्ता के दौरान दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को बढ़ाने, बंदरगाह एवं समुद्री संपर्क विकसित करने, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि अनुसंधान, शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारी तथा डिजिटल तकनीक एवं नवाचार में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आपसी सहयोग से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और वैश्विक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।

आतंकवाद के विरुद्ध साझा प्रतिबद्धता

विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और पनामा के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत के आत्मरक्षा के अधिकार के समर्थन तथा आतंकवाद के सभी स्वरूपों की स्पष्ट निंदा करने के लिए पनामा सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक सहयोग और साझा प्रतिबद्धता आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक है।

संबंधों को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्चस्तरीय बैठक से भारत और पनामा के बीच आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी तथा लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र में भारत की उपस्थिति और प्रभाव को भी मजबूती प्राप्त होगी।