भारत की 'सागर' और 'एक्ट ईस्ट' नीति से सेशेल्स की सुरक्षा, फिलीपींस की समृद्धि
भारत ने 'सागर' नीति के तहत सेशेल्स को पांच लेज़र रेडियल क्लास बोट्स सौंपीं, वहीं 'एक्ट ईस्ट' नीति से फिलीपींस में किसानों व मछुआरों के लिए वर्किंग हॉल का उद्घाटन हुआ।

द क्लिफ न्यूज़ | 12 अगस्त 2026
नई दिल्ली। भारत 'ग्लोबल साउथ' के मित्र राष्ट्रों की सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए दो अलग-अलग कूटनीतिक मोर्चों पर बड़ी सफलता हासिल की है। हिंद महासागर में रणनीतिक सुरक्षा को मजबूत करने से लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करने तक, भारत एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका को और पुख्ता कर रहा है।
इसी कड़ी में, सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित रतीश ने राजधानी विक्टोरिया में आयोजित एक समारोह में सेशेल्स डिफेंस फोर्स (एसडीएफ) को पांच 'लेज़र रेडियल' क्लास बोट्स औपचारिक रूप से सौंप दी हैं। इन आधुनिक नौकाओं को सेशेल्स के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, मेजर जनरल माइकल रोसेट ने स्वीकार किया। यह सुपुर्दगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जून 2026 में सेशेल्स की राजकीय यात्रा के दौरान की गई आधिकारिक घोषणा के तहत हुई है। इन नौकाओं का मुख्य उद्देश्य सेशेल्स के सैन्य कर्मियों के समुद्री कौशल और तटीय नौकायन प्रशिक्षण को उन्नत करना है। यह कदम भारत की 'विजन महासागर' और क्षेत्र में सभी की सुरक्षा तथा सामूहिक जिम्मेदारी (सागर) की नीति के अनुरूप है।
सेशेल्स की समुद्री क्षमता को बढ़ावा
सेशेल्स स्थित भारतीय उच्चायोग ने 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि ये नौकाएं एसडीएफ कर्मियों के समुद्री कौशल (सीमैनशिप स्किल्स) को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन नौकाओं की डिलीवरी एसडीएफ की क्षमता और काबिलियत को मजबूत करने के प्रति भारत की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो भारत-सेशेल्स के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा और समुद्री साझेदारी को और भी गहरा करती है।
फिलीपींस में सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति
वहीं दूसरी ओर, दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के विस्तार के तहत, फिलीपींस में भारत के राजदूत हर्ष कुमार जैन ने एक भव्य समारोह में नवनिर्मित 'वर्किंग एंड ट्रेनिंग हॉल' का वहां के स्थानीय प्रशासन को हस्तांतरण किया है। फिलीपींस के अक्लान प्रांत के नुमांशिया में 'क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स' (क्यूआईपी) फ्रेमवर्क के तहत निर्मित यह अत्याधुनिक हॉल हजारों स्थानीय किसानों और मछुआरों को लाभान्वित करेगा। कूटनीतिक स्तर पर, यह भारत-फिलीपींस के बीच फरवरी 2023 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते के तहत लागू किए जा रहे जमीनी स्तर के सामाजिक-आर्थिक विकास का चौथा सफल प्रोजेक्ट है।
फिलीपींस स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, समारोह में राजदूत जैन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस सुविधा से 5,500 से ज़्यादा किसानों और मछुआरों को स्किल डेवलपमेंट, क्षमता निर्माण और आजीविका के बेहतर अवसरों के माध्यम से लाभ मिलने की उम्मीद है।
कूटनीतिक विश्लेषकों की राय
कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सेशेल्स में समुद्री रक्षा सहायता और फिलीपींस में कृषि-समुदाय के लिए किया गया यह बुनियादी विकास, भारत की व्यावहारिक वैश्विक नीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। चाहे समुद्री सुरक्षा का क्षेत्र हो या मित्र राष्ट्रों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान, भारत आज पूरे क्षेत्र में एक ठोस कूटनीतिक और रणनीतिक सेतु के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।
