भगवान बलराम की भव्य शोभायात्रा, उज्जैन के कलाकारों ने बांधा समां
गुना में धाकड़, किरार एवं नागर समाज द्वारा भगवान बलराम के जन्मोत्सव पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। उज्जैन के कलाकारों ने राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती वेश में मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | 2 सितंबर 2026
द क्लि
भगवान बलराम दाऊजी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गुना शहर में धाकड़, किरार एवं नागर समाज द्वारा एक भव्य चल समारोह और शोभायात्रा का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस वार्षिक सामाजिक व धार्मिक आयोजन में, बदलते मौसम की परवाह किए बिना समाजजनों ने भारी उत्साह दिखाया। यह आयोजन समाज की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को सहेजने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया।
शोभायात्रा का शुभारंभ सुबह गायत्री मंदिर से हुआ, जो शहर के प्रमुख मार्गों जैसे हनुमान चौराहा, हाट रोड, निचला बाजार और सदर बाजार से होते हुए लक्ष्मीगंज मार्ग तक पहुंची। यात्रा का समापन मानस भवन में हुआ, जहां भगवान बलराम की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और तत्पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया गया। मानस भवन में आयोजित सम्मान समारोह में डिप्टी कलेक्टर सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस समारोह में समाज के उन सदस्यों को सम्मानित किया गया जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिससे युवाओं को प्रेरणा मिले।
कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां बनीं आकर्षण का केंद्र
इस शोभायात्रा की सबसे बड़ी विशेषता सांस्कृतिक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां रहीं, जिन्होंने शहरवासियों को अचंभित कर दिया। उज्जैन से विशेष रूप से आमंत्रित कलाकारों ने अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा शहर मंत्रमुग्ध हो गया। राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती का वेश धारण किए कलाकारों ने जीवंत नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उनकी कलात्मकता और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने धार्मिक वातावरण को और भी अलौकिक बना दिया।
बैंड-बाजों की मधुर धुन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और डीजे की थाप पर युवा पूरे मार्ग झूमते-नाचते नजर आए, जिससे पूरे माहौल में उत्सव का संचार हो गया। पारंपरिक गीतों और आधुनिक संगीत का यह संगम सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। विभिन्न झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें भगवान बलराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को जीवंत रूप से दर्शाया गया था। ये झांकियां न केवल मनोरंजक थीं, बल्कि ज्ञानवर्धक भी साबित हुईं।
इस विशाल आयोजन में गुना के अलावा बमोरी, राघौगढ़, चाचौड़ा, अशोकनगर और शिवपुरी जिलों से भी बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। यह व्यापक भागीदारी समाज की एकजुटता और अपने आराध्य देव के प्रति गहरी आस्था का प्रतीक थी। जुलूस के पूरे मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया गया, जो समाज की एकता और सामंजस्य को दर्शाता है। स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर इस स्वागत में भाग लिया, जिससे आयोजकों का उत्साह और बढ़ गया।
भोजन प्रसादी के पश्चात श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए, लेकिन उनके चेहरों पर इस भव्य आयोजन की स्मृति और उत्साह स्पष्ट रूप से झलक रहा था। इस प्रकार, भगवान बलराम के जन्मोत्सव का यह आयोजन एक सफल और यादगार सामाजिक-धार्मिक उत्सव के रूप में संपन्न हुआ, जिसने न केवल धार्मिक भावना को बढ़ाया, बल्कि सामाजिक जुड़ाव को भी मजबूत किया। आयोजकों ने सभी स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके अथक प्रयासों से यह आयोजन सफल हो सका।
