भगत सिंह की 119वीं जयंती पर सांस्कृतिक आयोजन, विचारों की क्रांति पर जोर
गुना में 28 सितंबर 2026 को भगत सिंह की 119वीं जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। बच्चों ने देशभक्ति गीत-कविता से दी श्रद्धांजलि, वक्ताओं ने विचारों...

Aron | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 30 सितंबर 2026
गुना में 28 सितंबर 2026 को महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगतसिंह के 119वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन संपन्न हुआ। भगतसिंह यादगार मंच द्वारा पुस्तकालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के संयोजक राकेश मिश्रा ने की। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने शहीद भगतसिंह स्मारक के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धर्मस्वरूप सक्सेना और राजरानी सक्सेना के स्मारकों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से देशभक्ति की भावना का संचार किया। बच्चों ने समूह नृत्य और देशभक्ति गीतों के माध्यम से शहीद भगतसिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। 'तेरा हिमालय आकाश छू ले' और 'तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा' जैसे गीतों ने एकता और अखंडता का संदेश दिया। इसी दौरान, महात्मा ज्योतिबा फुले के 200वें जन्मवर्ष के उपलक्ष्य में एक विशेष बुक मार्कर का विमोचन भी किया गया। इस बुक मार्कर में ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख, लहुजी वस्ताद और शिवदास घोष जैसे महान मनीषियों के प्रेरक विचार संकलित हैं।
वक्ताओं ने विचारों की क्रांति पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन लीडर नरेंद्र भदौरिया, लोकेश शर्मा, मनीष श्रीवास्तव और एडवोकेट दया राहुल ने शहीद भगतसिंह के असाधारण संघर्षों को स्मरण किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि वास्तविक इंकलाब केवल शारीरिक बल या हथियारों से नहीं, बल्कि विचारों की सान पर खरा उतरने से आता है। उन्होंने एक बेहतर और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए भगतसिंह के लेखों और दस्तावेजों को गहनता से पढ़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि तार्किक एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित समाज के विकास के लिए किताबों का पठन-पाठन अनिवार्य है। उन्होंने जन-जन तक इन महान विभूतियों के विचारों को पहुँचाने का संकल्प लिया, ताकि युवा पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सके। इस कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को सामाजिक बदलाव के अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेंद्र कुमार ने किया, जबकि पुस्तकालय प्रभारी प्रदीप आर. बी. ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
