भाद्रपद पूर्णिमा पर सेठानीघाट भक्तिमय, नर्मदा की महाआरती में जुटे श्रद्धालु
नर्मदापुरम के सेठानीघाट पर भाद्रपद पूर्णिमा के अवसर पर माँ नर्मदा की भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 26 सितंबर 2026
नर्मदापुरम स्थित सेठानीघाट पर भाद्रपद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस विशेष धार्मिक अवसर पर माँ नर्मदा की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह आयोजन वर्षों से चली आ रही नर्मदापुरम की धार्मिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हर वर्ष पूर्णिमा के इस शुभ दिन पर भव्यता के साथ संपन्न होता है।
यह महाआरती आचार्य पंडित घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। पंचविप्रजनों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसमें मां नर्मदा के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण का भाव देखने को मिला। आरती के दौरान समूचा सेठानीघाट माँ नर्मदा के जयकारों से गूंज उठा, जो श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा का प्रतीक था। जयकारों के बीच महाआरती की धुन ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया, जिससे उपस्थित सभी भक्त मंत्रमुग्ध हो गए।
भाद्रपद पूर्णिमा का महत्व
भाद्रपद मास, जो हिंदू पंचांग का एक महत्वपूर्ण महीना माना जाता है, अपनी कई धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। इस मास की पूर्णिमा तिथि विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसे विभिन्न देवताओं की पूजा और अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेषकर, माँ नर्मदा के तट पर इस पूर्णिमा को आयोजित होने वाली महाआरती का अपना एक विशेष महत्व है। यह अवसर न केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बल्कि सामुदायिक एकता और सामाजिक मेलजोल के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस वर्ष भाद्रपद पूर्णिमा का विशेष महत्व रहा, क्योंकि यह शरद ऋतु के आगमन का भी संकेत दे रहा था, जब प्रकृति अपने पूरे यौवन पर होती है।
धार्मिक आयोजन में उमड़ी भीड़
भाद्रपद पूर्णिमा के पर्व की गरिमा के अनुरूप, नर्मदापुरम के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। भक्तों ने माँ नर्मदा की आरती उतारकर सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। आरती के पश्चात, उपस्थित जनसमूह ने श्रद्धापूर्वक दीप प्रज्वलित कर वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया। दीयों की जगमगाहट और मंत्रोच्चार के बीच, सेठानीघाट एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों, सभी आयु वर्ग के लोगों ने इस पवित्र अनुष्ठान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। घाट के किनारों पर खड़े होकर, हजारों भक्त एक साथ माँ नर्मदा के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे थे, जिससे यह पल अविस्मरणीय बन गया।
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम
पर्व के महत्व और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन द्वारा सेठानीघाट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एवं व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई थीं। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवी संगठनों ने भी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन नर्मदापुरम की समृद्ध धार्मिक परंपराओं को एक बार पुनः प्रदर्शित करता रहा। देर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा, जिसने इस पवित्र अवसर की भव्यता को और बढ़ाया। इस सफल आयोजन से प्रशासनिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के उत्साह दोनों की सराहना की गई।
