BCCI का नया रोडमैप: चोटों से निपटने और वर्कलोड प्रबंधन पर जोर
BCCI खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों और व्यस्त कार्यक्रम के मद्देनजर एक नया वर्कलोड मैनेजमेंट रोडमैप तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की फिटनेस और 2027 विश्व कप की तैयारियों को प्राथमिकता देना है।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 4 सितंबर 2026
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम से निपटने के लिए एक नई कार्य योजना बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। बोर्ड ने खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और भविष्य में होने वाले क्रिकेट कार्यक्रमों की गहन समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय क्रिकेटरों के वर्कलोड का बेहतर प्रबंधन करना है।
इस नई रणनीति के केंद्र में खिलाड़ियों को लगातार मैचों के दबाव से बचाना और उनकी शारीरिक फिटनेस को लंबे समय तक बनाए रखना है। BCCI की योजना है कि अगले फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) चक्र में खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम और अभ्यास के लिए अधिक समय मिले, ताकि वे तरोताजा होकर मैदान पर उतर सकें।
मेडिकल क्लीयरेंस में बढ़ाई गई सख्ती
बोर्ड अब चोटिल खिलाड़ियों को टीम में वापस शामिल करने के लिए मेडिकल क्लीयरेंस प्रक्रिया को और अधिक कड़ा करने जा रहा है। इसके तहत, किसी भी चोटिल खिलाड़ी को तब तक मुख्य टीम में शामिल नहीं किया जाएगा, जब तक वह आवश्यक मैच-फिटनेस टेस्ट और सभी जरूरी रिहैबिलिटेशन प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा नहीं कर लेता। यह कदम खिलाड़ियों के पूर्ण स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने और उन्हें समय से पहले मैदान पर वापसी करने के जोखिम से बचाने के लिए उठाया जा रहा है।
2027 विश्व कप पर विशेष ध्यान
BCCI की यह कवायद विशेष रूप से 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखकर की जा रही है। आगामी क्रिकेट दौरे और न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रस्तावित श्रृंखला को देखते हुए, टीम के संयोजन के साथ-साथ खिलाड़ियों की फिटनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों तक भारतीय टीम के प्रमुख खिलाड़ी पूरी तरह से फिट और लय में हों।
लगातार क्रिकेट खेलना, तीनों प्रारूपों का दबाव और चोटों के बढ़ते मामले भारतीय क्रिकेट के लिए एक चिंता का विषय रहे हैं। BCCI का यह नया रोडमैप न केवल खिलाड़ियों के करियर को लंबा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि यह टीम को भविष्य के बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए और अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
