बसपा में नए नेतृत्व की तलाश: मायावती ने भतीजी के लिए छोड़ी संभावना
बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश और ईशान आनंद के बाद भतीजी दीपिका आनंद की भूमिका पर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। 23 सितंबर की राष्ट्रीय बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | लखनऊ | 20 सितंबर 2026
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने पार्टी में परिवार के सदस्यों की भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया है। जहां उन्होंने अपने भतीजों, आकाश आनंद और ईशान आनंद को पार्टी में किसी भी महत्वपूर्ण पद से दूर कर दिया है, वहीं उनकी भतीजी दीपिका आनंद के लिए संभावनाओं के द्वार खुले रखे हैं। यह निर्णय पार्टी के भीतर उत्तराधिकार को लेकर चल रही चर्चाओं को नई दिशा दे रहा है।
मायावती ने 12 सितंबर को घोषणा की थी कि उनके भतीजे आकाश आनंद और ईशान आनंद, दोनों ही भविष्य में बसपा में कोई भी राजनीतिक पद नहीं संभालेंगे। इस घोषणा के तुरंत बाद, आकाश आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया गया और 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से भी निष्कासित कर दिया गया। ईशान आनंद से भी उनकी संगठनात्मक जिम्मेदारी वापस ले ली गई थी।
दीपिका आनंद के लिए खुली संभावनाएं
हालांकि, मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार की इकलौती बेटी, दीपिका आनंद को लेकर एक अलग संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि दीपिका पार्टी के प्रति अपनी कार्यक्षमता, निष्ठा और ईमानदारी साबित करती हैं, तो वह अपने पिता आनंद कुमार की राजनीतिक-संगठनात्मक जिम्मेदारियों में सहयोग कर सकती हैं। मायावती ने यह भी साफ किया है कि वर्तमान में दीपिका को औपचारिक राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया गया है, लेकिन भविष्य में यह संभावना बनी हुई है।
23 सितंबर की बैठक पर टिकी निगाहें
बसपा की राष्ट्रीय स्तर की एक महत्वपूर्ण बैठक 23 सितंबर को लखनऊ में निर्धारित है। यह एक महीने के भीतर पार्टी की दूसरी बड़ी राष्ट्रीय बैठक होगी, जिससे पार्टी के भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है। इस बैठक में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति पर गहन चर्चा होने की संभावना है। अटकलें यह भी हैं कि दीपिका आनंद की संभावित भूमिका पर भी पार्टी के भीतर विचार-विमर्श हो सकता है, हालांकि उनकी किसी भी औपचारिक नियुक्ति को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
मायावती के इन हालिया फैसलों ने बसपा के भविष्य के नेतृत्व पर चल रही बहस को एक नया मोड़ दिया है। फिलहाल, पार्टी की कमान मायावती के हाथों में है और नेतृत्व का अगला चेहरा कौन होगा, इस पर अंतिम फैसला अभी प्रतीक्षित है। दीपिका आनंद का नाम एक संभावित चेहरे के तौर पर चर्चा में है, लेकिन उनकी स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है और इसे किसी भी तरह से मायावती का घोषित उत्तराधिकार मानना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।
