बारिश से NH-158 पर पुल का काम रुका, डीएम ने जायजा लिया
बलरामपुर में एनएच-158 पर निर्माणाधीन पुल के कारण बने वैकल्पिक कॉजवे पर जलस्तर बढ़ने से यातायात रोका गया। डीएम ने निरीक्षण कर सुरक्षा के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 20 जुलाई 2026
बलरामपुर के जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-158 पर खैर ग्राम के पास कठरिया पहाड़ी नाले पर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल और उसके वैकल्पिक मार्ग, वेंटेड कॉजवे का स्थलीय निरीक्षण किया। भारी बारिश के कारण नाले में जलस्तर बढ़ने से यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि कठरिया पहाड़ी नाले पर एक स्थायी पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। इस दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए एक वैकल्पिक वेंटेड कॉजवे बनाया गया है। सामान्य परिस्थितियों में, नाले का पानी कॉजवे के नीचे बने वेंट्स (पाइप/कलवर्ट) से होकर गुजरता है, जिससे वाहनों का आवागमन बिना किसी बाधा के जारी रहता है।
पहाड़ी नाले में जलस्तर बढ़ने से यातायात बाधित
हाल ही में क्षेत्र में हुई मूसलाधार वर्षा के कारण पहाड़ी इलाकों से बड़ी मात्रा में जलप्रवाह नाले में आया, जिससे उसका जलस्तर तेजी से बढ़ गया। पानी कॉजवे की सतह के ऊपर बहने लगा, जिससे सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए एहतियातन इस मार्ग पर यातायात रोक दिया।
जिलाधिकारी डॉ. जैन ने मौके पर पहुंचकर जलप्रवाह की स्थिति, कॉजवे की मजबूती और वहां की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नाले के जलस्तर की लगातार निगरानी रखी जाए। जैसे ही जलस्तर सामान्य हो और कॉजवे की सतह से पानी पूरी तरह हट जाए, तभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए यातायात को पुनः चालू किया जाए।
सुरक्षा मानकों के कड़े निर्देश
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कॉजवे के दोनों ओर पर्याप्त संख्या में बैरिकेडिंग लगाई जाए, स्पष्ट चेतावनी संकेत लगाए जाएं और आवश्यकतानुसार पुलिस एवं संबंधित विभाग के कर्मियों की तैनाती की जाए ताकि आवागमन करने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा या खतरा न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम में पहाड़ी नालों में जलस्तर का अचानक बढ़ना एक आम बात है। ऐसी परिस्थितियों में जनसुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यातायात को अस्थायी रूप से नियंत्रित करना एक आवश्यक एहतियाती कदम है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौसम और जलस्तर पर निरंतर नजर रखने और आम जनता को समय-समय पर आवश्यक जानकारी देते रहने का निर्देश दिया।
