बारिश में भी सनस्क्रीन जरूरी, शहनाज़ हुसैन ने बताए घरेलू सुरक्षा उपाय
बरसात में अक्सर लोग धूप से बेफिक्र हो जाते हैं, पर सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज़ हुसैन की मानें तो UV किरणें बादलों को भेदकर त्वचा को...

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026
बरसात का मौसम आते ही तापमान में गिरावट और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण कई लोग यह सोचने लगते हैं कि अब त्वचा को धूप से किसी प्रकार के नुकसान का खतरा नहीं रहा। यह धारणा भले ही आम हो, लेकिन सौंदर्य जगत की जानी-मानी हस्ती और 'हर्बल क्वीन' के नाम से विख्यात शहनाज़ हुसैन इस मान्यता को पूरी तरह सही नहीं मानतीं। उनके अनुसार, सूर्य की पराबैंगनी (UVA और UVB) किरणें बादलों की मोटी परत को भी भेदने में सक्षम हैं और हमारी त्वचा तक पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए, वर्षा ऋतु के दौरान भी त्वचा की सुरक्षा के लिए SPF 30 या उससे अधिक क्षमता वाले सनस्क्रीन का नियमित रूप से उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है।
शहनाज़ हुसैन का ज़ोर इस बात पर है कि केवल सनस्क्रीन ही त्वचा के बचाव का एकमात्र साधन नहीं है, बल्कि प्राकृतिक और घरेलू नुस्खे भी त्वचा की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे घरों में आसानी से उपलब्ध कई प्राकृतिक सामग्रियां न केवल त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती हैं, बल्कि उसे आवश्यक पोषण, नमी और शीतलता भी प्रदान करती हैं। ये उपाय न केवल किफायती होते हैं, बल्कि रासायनिक आधारित उत्पादों के मुकाबले कई व्यक्तियों के लिए त्वचा पर अधिक कोमल और सौम्य प्रभाव भी डालते हैं।
घरेलू उपायों से त्वचा की सुरक्षा
सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज़ हुसैन ने त्वचा की सुरक्षा और देखभाल के लिए कुछ खास घरेलू उपायों पर प्रकाश डाला है। उनके अनुसार, एलोवेरा सनबर्न और त्वचा पर होने वाली किसी भी प्रकार की जलन को शांत करने के लिए एक अत्यंत प्रभावी प्राकृतिक औषधि है। एलोवेरा की ताज़ी पत्ती से प्राप्त जेल को सीधे प्रभावित त्वचा पर लगाने से तुरंत शीतलता का अनुभव होता है और जलन में कमी आती है। इसी प्रकार, खीरे के रस और गुलाबजल का मिश्रण भी त्वचा को ठंडक पहुँचाने और उसे तरोताज़ा रखने में सहायक होता है।
त्वचा को सूर्य की हानिकारिक किरणों से बचाने के लिए विभिन्न प्रकार के तेलों का मिश्रण भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। शहनाज़ हुसैन ने नारियल तेल, जैतून का तेल और कैरट सीड ऑयल (गाजर के बीज का तेल) के मिश्रण को त्वचा की सुरक्षा के लिए फायदेमंद बताया है। इसके अतिरिक्त, शिया बटर, बादाम तेल, कोको बटर, विटामिन ई और जिंक ऑक्साइड जैसी सामग्रियों का उपयोग करके घर पर ही एक प्रभावी क्रीम तैयार की जा सकती है। यह घरेलू क्रीम त्वचा पर एक सुरक्षात्मक आवरण बनाने में मदद करती है, जो बाहरी तत्वों से बचाव प्रदान करता है। इस मिश्रण को घर से बाहर निकलने से लगभग 15 से 20 मिनट पूर्व लगाने की सलाह दी जाती है ताकि यह त्वचा में समाहित होकर अपना काम शुरू कर सके।
त्वचा को नमी और कोमलता बनाए रखने के नुस्खे
शहनाज़ हुसैन द्वारा सुझाए गए अन्य उपायों में एलोवेरा जेल, शिया बटर, नारियल तेल और जिंक ऑक्साइड का मिश्रण शामिल है। यह क्रीम त्वचा को आवश्यक नमी प्रदान करने के साथ-साथ धूप से बचाव में भी अहम भूमिका निभा सकती है। इसी प्रकार, विटामिन ई, सूरजमुखी का तेल और जिंक ऑक्साइड का एक संतुलित मिश्रण भी त्वचा की दैनिक देखभाल और सुरक्षा के लिए अत्यंत लाभदायक माना गया है।
उन्होंने विशेष रूप से अखरोट के तेल, शिया बटर, नारियल तेल और एलोवेरा जेल से तैयार की गई सन-केयर क्रीम का भी उल्लेख किया है। यह क्रीम त्वचा को मुलायम बनाए रखने और उसमें पर्याप्त नमी बनाए रखने में काफी सहायक हो सकती है, जिससे त्वचा रूखी और बेजान नज़र नहीं आती। इसके अतिरिक्त, एलोवेरा जेल और नारियल तेल में गुलाब या चंदन जैसे आवश्यक तेलों (essential oils) की कुछ बूंदें मिलाकर तैयार की गई क्रीम भी त्वचा को कोमल और सुगंधित बनाए रखने में मदद करती है।
सावधानियां और विशेषज्ञ की सलाह
इन प्राकृतिक और घरेलू उपचारों की प्रभावशीलता के बावजूद, शहनाज़ हुसैन एक महत्वपूर्ण सावधानी बरतने की सलाह देती हैं। किसी भी नए घरेलू मिश्रण का उपयोग करने से पहले, त्वचा के एक छोटे, छिपे हुए हिस्से पर ‘पैच टेस्ट’ (patch test) अवश्य करना चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि उस विशेष सामग्री से कोई एलर्जी या प्रतिकूल प्रतिक्रिया तो नहीं हो रही है। यदि पैच टेस्ट के दौरान त्वचा पर किसी भी प्रकार की जलन, खुजली या लालिमा दिखाई दे, तो उस मिश्रण का प्रयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।
इसके अलावा, शहनाज़ हुसैन ने यह भी स्पष्ट किया है कि लंबे समय तक तीव्र धूप में रहने की स्थिति में, घर पर बने मिश्रणों पर पूरी तरह निर्भर रहना पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसी परिस्थितियों में, प्रमाणित ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का नियमित उपयोग, छाता, चौड़ी किनारी वाली टोपी और ऐसे वस्त्र पहनना जो शरीर के अधिकांश हिस्सों को ढक सकें, अत्यंत आवश्यक है। ये उपाय बाहरी वातावरण से अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करते हैं।
उनके अनुसार, चाहे मौसम बरसात का हो या फिर प्रचंड गर्मी का, त्वचा की निरंतर और नियमित देखभाल के साथ-साथ प्राकृतिक उपायों का विवेकपूर्ण उपयोग और उचित सूर्य संरक्षण (sun protection) अपनाकर त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ, सुरक्षित और प्राकृतिक रूप से दमकता हुआ बनाए रखना संभव है। यह त्वचा की दीर्घकालिक सेहत के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है।
