बारिश के मौसम में आवारा सांडों से निजात, हाका दल ने 65 को खदेड़ा
नर्मदापुरम्: बारिश के मौसम में सड़कों पर उत्पात मचाने वाले 65 आवारा सांडों को हाका दल ने रसूलिया क्षेत्र से खदेड़ा। पशुपालकों से मवेशियों को बांधकर रखने की अपील की गई।

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम् | 30 जुलाई 2026
नर्मदापुरम् शहर में बारिश के मौसम के साथ ही आवारा मवेशियों, विशेषकर सांडों की समस्या एक बार फिर गंभीर हो गई है। सड़कों पर बेखौफ घूमते ये पशु न केवल यातायात को बाधित करते हैं, बल्कि आम जनजीवन के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका के हाका दल ने गुरुवार को रसूलिया क्षेत्र में एक विशेष अभियान चलाकर 65 सांडों को नगर की सीमा से बाहर खदेड़ा है।
यह कार्रवाई नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव और मुख्य नगरपालिका अधिकारी वैभव देशमुख के निर्देशानुसार की गई। हाका दल प्रभारी गगन सोनी ने बताया कि बारिश के मौसम में इन पशुओं के सड़क पर आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया गया।
आवारा पशुओं को व्यवस्थित करने का प्रयास
दल ने ट्रेक्टर-ट्रॉली की मदद से इन 65 सांडों को नगर की सीमा से दूर ले जाकर छोड़ा। इस दौरान, पशुपालकों से भी आग्रह किया गया कि वे बारिश के दिनों में अपने पशुओं को घर पर ही बांधकर रखें। उन्हें सड़कों पर या खुले में छोड़ देने से वे शहर के विभिन्न हिस्सों में घूमते हैं और यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं।
बारिश के मौसम में सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा एक आम समस्या बन जाती है। कीचड़ और जलभराव के कारण ये पशु अक्सर मुख्य सड़कों पर डेरा डाल लेते हैं, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस कार्रवाई से फिलहाल कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
हाका दल प्रभारी गगन सोनी ने बताया कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य शहर को आवारा मवेशियों से मुक्त रखना है ताकि नागरिकों को सुरक्षित और सुगम यातायात मिल सके। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों के प्रति जिम्मेदार बनें और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर भटकने न दें। नगर पालिका इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है और नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा करती है। इस प्रकार की कार्रवाइयां न केवल सड़कों पर यातायात सुचारू बनाने में मदद करती हैं, बल्कि पशुओं के लिए भी सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में एक कदम है।
