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बारिश के बावजूद नरसिंहगढ़ में धूमधाम से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

नरसिंहगढ़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। बारिश के बावजूद प्राचीन मंदिरों में देर रात तक भक्तों की भीड़ लगी रही। बच्चों ने कान्हा-राधा के स्वरूपों में सबका मन मोहा।

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संवाददाता: महेन्द्र मोनू शर्मा
बारिश के बावजूद नरसिंहगढ़ में धूमधाम से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

संवाददाता: महेन्द्र मोनू शर्मा

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 5 सितंबर 2026

देशभर के साथ नरसिंहगढ़ में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। हालांकि, बारिश ने खलल डालने की कोशिश की, लेकिन श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ। नगर के प्राचीन मंदिरों में देर रात तक भक्तों की भीड़ दिखाई दी, जहां भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। बाल कृष्ण और राधा के स्वरूपों में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्सव की छटा बिखेरी।

जन्माष्टमी के अवसर पर नरसिंहगढ़ के श्री जमात मंदिर में विशेष तैयारियां की गईं। मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। मथुरा की तर्ज पर आयोजित कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध गायक-गायिकाओं ने संगीतमय भजनों और कीर्तन की प्रस्तुतियाँ दीं, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शनों के लिए मंदिर में उमड़े।

बच्चों के मोहक स्वरूपों ने बिखेरी छटा

जन्माष्टमी के पर्व पर बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। घरों से तैयार होकर पहुंचे नन्हे बच्चे बाल श्रीकृष्ण, राधा और रुक्मिणी के मनमोहक स्वरूपों में नजर आए। उनकी प्रस्तुतियों और भजनों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। इन बाल लीलाओं ने श्रद्धालुओं के मन को विशेष रूप से मोह लिया।

मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

रात्रि 12 बजे जैसे ही श्री जमात मंदिर के गर्भगृह के मुख्य पट खुले, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह उमड़ पड़ा। आरती के दौरान शंखनाद और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। इसके बाद आतिशबाजी और दही-मटकी फोड़ कार्यक्रम की झलकियाँ उत्सव में और रंग भर गईं। महंत श्री दीपेंद्र दास ने नन्हे बच्चों के साथ विशेष रूप से दही-मटकी के आकार का केक काटकर जन्माष्टमी उत्सव मनाया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन किए।

संगीत और भजनों से समां बांधा

कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध गायक सतीश अग्रवाल, चाटूखेड़ा (जिला राजगढ़), अनुष्का पालीवाल एवं शुभम ओझा ने भजनों की प्रस्तुति दी। ढोलक पर हर्षवर्धन सिंह सोलंकी ने संगत दी, जबकि मंच संचालन करण सिंह कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम के अंत में महंत श्री दीपेंद्र दास जी ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

झाली आश्रम मंदिर में भी उत्सव का माहौल

नरसिंहगढ़ के झाली आश्रम मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में लड्डू गोपाल को आकर्षक झूले में विराजमान किया गया। साथ ही, गौमाता की मनमोहक झांकियां सजाई गईं, जिससे पूरे मंदिर परिसर में एक भक्तिमय वातावरण दिखाई दिया। आचार्य राघवेंद्र आचार्य द्वारा विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया गया।

चोपड़ा हनुमान मंदिर में मध्यरात्रि जन्मोत्सव

नरसिंहगढ़ के चोपड़ा हनुमान मंदिर में भी रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मुख्य पट खोले गए। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। पंडित सुरेश शास्त्री जी द्वारा देर रात्रि तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पाठ, श्लोक वाचन और लड्डू गोपाल की आरती कराई गई। श्रद्धालुओं ने भगवान लड्डू गोपाल को झूले में विराजमान कर दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त किया।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। थाना प्रभारी गूंजा सोलंकी ने पर्व से दो दिन पूर्व ही मंदिरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इसके बाद मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। रात्रि गश्त के साथ पुलिस जवान ड्यूटी पर मुस्तैद रहे, जिससे श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन सुलभ हो सके। बाराद्वारी समीप राधाकृष्णन मंदिर में भी भजन संध्या और लड्डू गोपाल के झूले के दर्शन आयोजित किए गए, जहाँ पंडित श्री अमरनाथ जी गांवठी जी ने विशेष आरती दर्शन कराए।