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बरेली: सीबीगंज में 20 बीघा अवैध कॉलोनी ध्वस्त, बीडीए का बुलडोजर गरजा

बरेली विकास प्राधिकरण ने सीबीगंज के गोविंदापुर में 20 बीघा की अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया। मेंहदी हसन व मिसाल नामक व्यक्तियों द्वारा बिना अनुमति...

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संवाददाता: इज़हार आलम
बरेली: सीबीगंज में 20 बीघा अवैध कॉलोनी ध्वस्त, बीडीए का बुलडोजर गरजा

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम

द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 19 सितंबर 2026

बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने शुक्रवार को सीबीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गोविंदापुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग बीस बीघा भूमि पर विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को जमींदोज कर दिया। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने जेसीबी की मदद से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई उन कॉलोनाइजरों के खिलाफ की गई है जो बिना किसी स्वीकृत मानचित्र या आवश्यक अनुमति के भूखंडों की बिक्री कर रहे थे।

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि मेंहदी हसन और मिसाल नामक व्यक्तियों द्वारा इस भूमि पर अवैध रूप से भूखंडों का चिन्हांकन कर बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जा रहा था। जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि इस कॉलोनी के विकास के लिए बीडीए से कोई भी मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था। उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत, बिना अनुमति के प्लॉटिंग करना एक कानूनन अपराध है और ऐसे निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अनिवार्य है।

अवैध निर्माणों पर बीडीए का सख्त रुख

प्रवर्तन टीम ने मौके पर मौजूद सभी अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। बीडीए ने इस कार्रवाई के माध्यम से अवैध कॉलोनाइजरों को स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की अनधिकृत निर्माण गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह की कॉलोनियों में विकास कार्य के लिए कोई भी सरकारी योजना या सहायता भी उपलब्ध नहीं होती है, जिससे भविष्य में खरीदारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

बरेली विकास प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी भूखंड या भवन को खरीदने से पहले उसकी वैधता की पूरी तरह से जांच कर लें। जमीन का सौदा करने से पूर्व नागरिकों को संबंधित अभिलेखों की पड़ताल करनी चाहिए और प्राधिकरण से मानचित्र की स्वीकृति की स्थिति की पुष्टि अवश्य करनी चाहिए। प्राधिकरण ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ इस तरह के अभियान निरंतर जारी रहेंगे ताकि सुनियोजित विकास को बढ़ावा दिया जा सके।