बरेली: साइबर ठगी का पर्दाफाश, फर्जी बैंक खाते खुलवाने वाला आरोपी धरा
बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आठ घंटे की कस्टडी रिमांड के दौरान एक आरोपी शोएब के किराए के कमरे से बैंक संबंधी दस्तावेज, डेबिट...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 14 अक्टूबर 2026
बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए आरोपी शोएब को आठ घंटे की कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ की। इस दौरान, पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके किराए के कमरे से साइबर अपराध में प्रयुक्त कई महत्वपूर्ण उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी में बैंक संबंधी दस्तावेज, डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड शामिल हैं। यह कार्रवाई साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मुकदमे (संख्या 58/2026) के तहत की गई है।
जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि यह गिरोह दिल्ली से युवाओं को पैसे का लालच देकर बुलाता था और फिर उनके नाम पर फर्जी पते का इस्तेमाल कर बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों का विवरण बदायूं में बैठे एक व्यक्ति को सौंपा जाता था, जिसका प्रयोग अंततः साइबर धोखाधड़ी जैसी आपराधिक गतिविधियों में किया जाता था। हाल ही में राजस्थान के हनुमानगढ़ से आई एक साइबर शिकायत में इस गिरोह की संलिप्तता का संदेह जताया गया है, जिसमें यूको बैंक के एक खाते से 1.10 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला था।
डिजिटल साक्ष्य और संदिग्ध तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस आपराधिक गिरोह के तार दिल्ली में सक्रिय एक नाइजीरियाई नागरिक से भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। यह नाइजीरियाई नागरिक कथित तौर पर व्हाट्सऐप के माध्यम से इस गिरोह से संपर्क में था। बारादरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला सैलानी में स्थित किराए के कमरे से यह बरामदगी की गई। इस ऑपरेशन की सफलता के बाद, आरोपी शोएब को वापस जिला कारागार भेज दिया गया है।
गहन विवेचना जारी
वर्तमान में, बरेली पुलिस की टीम बरामद हुए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन विवेचना कर रही है। इस अभियान का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय और उनकी टीम ने किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि इस प्रकार की ठगी के जाल को तोड़ा जा सके और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
