बरेली: फर्जी फर्म से 3 करोड़ की कर चोरी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
बरेली में एसआईटी जीएसटी और पुलिस ने फर्जी फर्म 'जागेश्वर ट्रेडर्स' के जरिए 3.06 करोड़ रुपये की कर चोरी करने के मामले में मुख्य आरोपी...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 16 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के बरेली में फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की कर चोरी करने के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। विशेष जांच दल (एसआईटी) जीएसटी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने लगभग 3.06 करोड़ रुपये की कर चोरी के आरोप में मुख्य आरोपी अमन कश्यप को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक अस्तित्वहीन फर्म 'एम/एस जागेश्वर ट्रेडर्स' का इस्तेमाल कर बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अनुचित लाभ लेने और उसे अन्य कारोबारियों को स्थानांतरित करने का गंभीर आरोप है। इस गिरफ्तारी की कार्रवाई 15 अक्टूबर की रात 11:10 बजे आरोपी के घर पर की गई।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब उपायुक्त राज्य कर, खंड-08 ने थाना इज्जतनगर में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मुकदमा संख्या 162/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान यह पाया गया कि 'एम/एस जागेश्वर ट्रेडर्स' के नाम से घोषित व्यापार स्थल मौल्या मार्केट में मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे फर्म के अस्तित्व पर सवाल खड़ा हो गया।
फर्जी फर्म के जरिए कर चोरी का खुलासा
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपी अमन कश्यप ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह अपने दोस्त सचिन और अरुण के साथ मिलकर प्रशांत गुप्ता के संपर्क में आया था। प्रशांत गुप्ता ने अमन को फर्म के नाम पर दुकान का कारोबार दिखाने का लालच दिया था। आरोपी के अनुसार, प्रशांत के भाई पारस और पिता सुभाष गुप्ता के कहने पर ही उसने अपने आधार और पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उन्हें सौंपे थे। इस सौदे के बदले में उसे 55-55 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। हालांकि, जब आयकर विभाग से नोटिस प्राप्त हुए, तब आरोपी और उसके साथी छिपने लगे थे।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बरेली द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, एसपी क्राइम और एसआईटी जीएसटी के पर्यवेक्षण में यह महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी टीम का नेतृत्व थाना कैंट के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर ने किया। पुलिस अब पूछताछ में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर रही है। इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है, ताकि कर चोरी के इस जाल में फंसे सभी दोषियों को पकड़ा जा सके।
