बरेली: निरीक्षण में 117 शिक्षक अनुपस्थित, बीएसए ने मांगा स्पष्टीकरण
बरेली में 21 अगस्त से 24 सितंबर तक हुए निरीक्षण में 117 शिक्षक, शिक्षामित्र और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। बीएसए ने सभी से तीन दिन...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 27 सितंबर 2026
बरेली जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में 21 अगस्त से 24 सितंबर 2026 के बीच हुए विभागीय निरीक्षण के दौरान कुल 117 शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय ने इन सभी कर्मियों को नोटिस जारी कर तत्काल लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
यह कार्रवाई शिक्षा विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। निरीक्षण जिला, ब्लॉक और अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न विकासखंडों जैसे आलमपुर जाफराबाद, बहेड़ी, बरेली नगर, भदपुरा, भोजीपुरा, भुता, बिथरी चैनपुर, दमखोदा, फरीदपुर, फतेहगंज पश्चिमी, क्यारा, मझगवां, मीरगंज, नवाबगंज, रामनगर और शेरगढ़ में किया गया था। इन निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति का सत्यापन करना और यह सुनिश्चित करना था कि पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
अनधिकृत अनुपस्थिति पर नोटिस जारी
बीएसए कार्यालय से जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, संबंधित अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस प्राप्त होने की तारीख से तीन कार्यदिवस के भीतर अपनी अनुपस्थिति के कारणों को स्पष्ट करने वाले साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। इन साक्ष्यों में चिकित्सा प्रमाण पत्र, अवकाश स्वीकृत आदेश या अन्य कोई प्रासंगिक दस्तावेज शामिल हो सकते हैं जो उनकी अनुपस्थिति को उचित ठहरा सकें। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, या प्रस्तुत किए गए साक्ष्य अपर्याप्त पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें वेतन वृद्धि रोकना, प्रतिकूल प्रविष्टि देना या सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है, जो अनुपस्थिति की गंभीरता पर निर्भर करेगा।
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले कर्मचारियों से प्राप्त स्पष्टीकरण को ध्यानपूर्वक देखें और अपनी संस्तुतियों के साथ उसे समयबद्ध तरीके से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराएं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्पष्टीकरण की प्रक्रिया निष्पक्ष हो और किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि नियमों का पालन हो।
शिक्षा की गुणवत्ता के लिए कड़े कदम
विभाग का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से विद्यालयों में नियमितता बनी रहेगी और पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार होगा। जब शिक्षक और कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, तो छात्र-छात्राओं को निरंतर शिक्षा मिल पाएगी, जिससे उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बीएसए कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इसी प्रकार के निरीक्षण जारी रहेंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह निरंतर निगरानी व्यवस्था शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लापरवाह पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सख्त विभागीय कदम उठाए जाएंगे, जो इस बात का संकेत है कि विभाग शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन निरीक्षणों और उसके बाद की जाने वाली कार्रवाइयों का अंतिम लक्ष्य यही है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर उच्च बना रहे और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यह प्रक्रिया पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान जारी रखी जाएगी ताकि अनुशासन और कार्यप्रणाली में निरंतरता बनी रहे।
