बरेली: नवाबगंज थाने में सीज 36 वाहनों की नीलामी, 1.58 लाख में बिका जखीरा
बरेली के नवाबगंज थाने में न्यायालय के आदेश पर सीज किए गए 36 वाहनों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हुई। इस नीलामी से कुल 1.58 लाख...

संवाददाता इज़हार आलम बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 14 सितंबर 2026
बरेली के नवाबगंज थाना परिसर में न्यायालय जेएम नवाबगंज के आदेशों के क्रम में लंबे समय से खड़े सीज एवं मुकदमे से संबंधित 36 वाहनों की नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस नीलामी प्रक्रिया से कुल 1.58 लाख रुपये प्राप्त हुए, जो 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत थाने को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कदम से नवाबगंज थाने में वाहनों के निस्तारण की एक बड़ी समस्या का समाधान हुआ है, जहाँ इन वाहनों के खड़े होने से जगह की कमी हो रही थी और अव्यवस्था फैल रही थी।
नीलामी में कुल 17 मोटरसाइकिल, 16 ई-रिक्शा और तीन चार पहिया वाहनों को शामिल किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार गठित एक विशेष कमेटी ने इस पूरी नीलामी प्रक्रिया का संचालन किया। यह कमेटी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार थी कि नीलामी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। नीलामी प्रक्रिया में कुल 27 ठेकेदारों ने भाग लिया, जिन्होंने निर्धारित नियमों के अनुसार एक-एक लाख रुपये की सुरक्षा धनराशि जमा की थी। यह सुरक्षा धनराशि नीलामी प्रक्रिया में गंभीरता सुनिश्चित करने और केवल वास्तविक बोलीदाताओं को भाग लेने की अनुमति देने के लिए आवश्यक थी।
ठेकेदार तेजराम ने लगाई सबसे ऊंची बोली
विभिन्न ठेकेदारों द्वारा लगाई गई बोलियों के उपरांत, रिछौला किफायतुल्ला निवासी तेजराम ने 1,58,700 रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर सभी 36 वाहनों को अपने नाम कर लिया। यह राशि नीलामी से प्राप्त हुई कुल धनराशि है, जो सरकारी खजाने में जमा की जाएगी। नीलामी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद, सफल ठेकेदार तेजराम को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर थाना परिसर से इन वाहनों को अपनी सुपुर्दगी में लें। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वे वाहनों की बोली राशि के अतिरिक्त 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का भुगतान भी करें। यह भुगतान सरकार के राजस्व में वृद्धि करेगा।
इस महत्वपूर्ण नीलामी के दौरान, कानून और व्यवस्था बनाए रखने और प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और थाना प्रभारी स्वयं उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की। नीलामी से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियों, जैसे कि बोली की राशि, ठेकेदार का विवरण और भुगतान संबंधी सभी औपचारिकताएं, थाना अभिलेखों और मालखाना रजिस्टर में विधिवत दर्ज कर ली गई हैं। यह विस्तृत रिकॉर्ड भविष्य के संदर्भों के लिए महत्वपूर्ण है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य थाना परिसर में पड़े वाहनों के जखीरे का कुशल और प्रभावी ढंग से निस्तारण कर परिसर को व्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाना था, जिससे पुलिसकर्मियों को अपने कार्यों के संपादन के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
