बरेली में शिक्षकों को मिला मिलेट्स पोषण का प्रशिक्षण, कुपोषण मिटाने का संकल्प
उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत बरेली के मीरगंज में शिक्षकों को श्री अन्न के पोषण संबंधी उपयोगिता और दैनिक आहार में शामिल करने...

अफसार खान संवाददाता बरेली | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 6 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत बरेली के मीरगंज विकासखंड में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य परिषदीय शिक्षकों को श्री अन्न (मिलेट्स) के पोषण गुणों और दैनिक आहार में इसके महत्व के बारे में शिक्षित करना था। इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को मिलेट्स के उत्पादन, पोषण संबंधी उपयोगिता और दैनिक जीवन में इनके समावेश के तरीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, ताकि वे छात्रों और अभिभावकों को इन पौष्टिक अनाजों के लाभों के प्रति जागरूक कर सकें।
सहायक विकास अधिकारी कृषि, राजेश कुमार ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए मिलेट्स को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गुणकारी बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि श्री अन्न के उपयोग को बढ़ावा देकर देश में व्याप्त कुपोषण की गंभीर समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। श्री कुमार ने उपस्थित शिक्षकों से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को संतुलित आहार के रूप में मिलेट्स के फायदों के बारे में शिक्षित करने का आग्रह किया, जिससे स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिले।
विद्यालय बनेंगे जागरूकता के केंद्र
खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. जगदीश कुमार ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालयों को स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता के महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के माध्यम से ही बच्चों में छोटी उम्र से ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संस्कार विकसित किए जा सकते हैं। यह पहल स्कूली बच्चों को माध्यम बनाकर समाज के हर घर तक पौष्टिक अनाज की उपयोगिता को पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका अंतिम लक्ष्य स्वस्थ भविष्य का निर्माण सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान, मिलेट्स के विभिन्न प्रकारों, उनके पोषण संबंधी फायदों और उनसे बनने वाले विभिन्न पौष्टिक उत्पादों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का संचालन सहायक अध्यापक अमित कुमार ने किया, जिसमें वस्तु विशेषज्ञ मोहित कुमार और बीज प्रभारी चन्द्रसेन सहित अनेक संबंधित शिक्षक उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में मिलेट्स को मुख्यधारा के आहार का हिस्सा बनाने की दिशा में एक अहम पहल साबित हो सकता है।
