बरेली में पांच लाख के अवैध पटाखे जब्त, दुकानदार गिरफ्तार
बरेली के फरीदपुर में पुलिस ने अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान में बीसलपुर रोड स्थित दुकान से 260 किलो (5 लाख रुपये मूल्य) पटाखे जब्त...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 16 अक्टूबर 2026
बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए चलाए जा रहे अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बीसलपुर रोड पर स्थित एक दुकान में छापेमारी कर पांच लाख रुपये मूल्य के 260 किलोग्राम अवैध पटाखे बरामद किए हैं। इस संबंध में दुकान संचालक 52 वर्षीय गंगाराम गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के नेतृत्व में और क्षेत्राधिकारी संदीप सिंह के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस को 16 अक्टूबर को एक मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि बीसलपुर रोड पर स्थित एक दुकान में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया गया है। सूचना के सत्यापन के बाद, पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दुकान पर छापा मारा।
बिना वैध लाइसेंस के भंडारण पर मुकदमा दर्ज
छापेमारी के दौरान, पुलिस को दुकान के अंदर भारी मात्रा में पटाखों का जखीरा मिला। प्रारंभिक पूछताछ में, मोहल्ला परा निवासी आरोपी गंगाराम गुप्ता पटाखों के भंडारण के संबंध में किसी भी प्रकार का वैध लाइसेंस या आवश्यक अनुमति पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा। आरोपी ने यह स्वीकार किया कि पिछले वर्ष उसके पास पटाखों की फुटकर बिक्री के लिए एक लाइसेंस था, लेकिन उसकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद, उसने बिना लाइसेंस का नवीनीकरण कराए ही बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण जारी रखा था, जो कि पूरी तरह से अवैध था।
थाना फरीदपुर पुलिस ने मौके से जब्त किए गए 260 किलोग्राम अवैध पटाखों को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी गंगाराम गुप्ता के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9(बी) के तहत मुकदमा अपराध संख्या 789/2026 दर्ज कर लिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अमित पांडेय, उपनिरीक्षक जसबीर, उपनिरीक्षक तरुण और हेड कांस्टेबल शमशेर सहित कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस इस मामले में विधिक प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन करते हुए आगे की जांच में जुटी हुई है, ताकि अवैध पटाखों के इस कारोबार में किसी अन्य की संलिप्तता का भी पता लगाया जा सके।
