बरेली में मूसलाधार बारिश: दो की मौत, दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त, प्रशासन जुटा राहत कार्य में
बरेली जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। अतिवृष्टि के कारण दो लोगों की मौत हो गई और कई मकान क्षतिग्रस्त...

अफसार खान संवाददाता बरेली | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 27 सितंबर 2026
बरेली जिले में पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ नुकसान के आकलन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, उप-जिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार और राजस्व विभाग की विशेष टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। ये टीमें विस्तृत रूप से मकानों के गिरने, फसलों की बर्बादी, पशुधन की हानि और व्यापक जलभराव से उत्पन्न संकट का मूल्यांकन कर रही हैं।
इस अतिवृष्टि के कारण जिले में अब तक दो व्यक्तियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। मीरगंज तहसील के गोरा लोकनाथपुर गांव में एक खपरैल का घर अचानक गिर जाने से फूला देवी नामक महिला की मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई। इसी प्रकार, नवाबगंज तहसील के मिर्जापुर जागीर गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से घायल हुए कृपाल सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। प्रशासन ने दोनों ही मामलों में पीड़ित परिवारों को नियमानुसार तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
क्षतिग्रस्त मकानों और फसलों का आकलन जारी
विभिन्न तहसीलों से प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अब तक कुल 39 मकानों के विभिन्न स्तरों पर क्षतिग्रस्त होने की सूचना दर्ज की गई है। राजस्व विभाग की टीमें इन दावों की भौतिक सत्यता की जांच कर रही हैं ताकि वास्तविक पीड़ितों तक सहायता पहुंचाई जा सके। अपर जिलाधिकारी, संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जिन किसानों की फसलों को 33 प्रतिशत या उससे अधिक का नुकसान हुआ है, उन्हें सरकारी मानकों के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
जल निकासी और पशुधन सुरक्षा के इंतजाम
जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में पानी की निकासी हेतु आधुनिक पंप स्थापित किए हैं। इसके अतिरिक्त, गौशालाओं में गोवंश के लिए सुरक्षित चारे, स्वच्छ पानी और पर्याप्त सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुधन की हानि को रोका जा सके। जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर और बारीकी से नजर बनाए हुए है और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
