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बरेली में मूसलाधार बारिश: धर्मकांटा परिसर जलमग्न, फसलों को भारी नुकसान

बरेली के दियोरिया अब्दुल्लागंज में भारी बारिश से इंडियन इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा परिसर जलमग्न हो गया, जिसे पंप लगाकर सुरक्षित किया गया। किसानों की धान, गन्ना...

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•संवाददाता: इज़हार आलम
बरेली में मूसलाधार बारिश: धर्मकांटा परिसर जलमग्न, फसलों को भारी नुकसान

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम

द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 27 सितंबर 2026

बरेली जिले के ब्लॉक मीरगंज के ग्राम दियोरिया अब्दुल्लागंज में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ व्यावसायिक और कृषि गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इंडियन इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा परिसर में पानी भर जाने से वहां लगी कीमती मशीनों और रोड सेल के क्षतिग्रस्त होने का खतरा उत्पन्न हो गया था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन और निवासियों ने त्वरित कार्रवाई की। सहकारी साधन समिति के उपसभापति शाहनवाज़ ने बताया कि परिसर में जमा हुए बारिश के पानी को निकालने के लिए पंप लगाए गए। इस बचाव कार्य के परिणामस्वरूप धर्मकांटा परिसर में उपकरणों को सुरक्षित कर लिया गया है। वहीं, गांव के निकटवर्ती तालाब और नदियां भी बारिश के कारण उफान पर हैं और पूरी तरह पानी से लबालब भर गए हैं।

किसानों की खड़ी फसलों पर संकट

इस अनवरत बारिश का सबसे अधिक खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खेतों में लगी धान और गन्ने की प्रमुख फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं। इसके अतिरिक्त, मिर्च और विभिन्न प्रकार की पत्तेदार सब्जियों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

हाल ही में बोई गई पालक, मेथी और मूली जैसी फसलें पानी में डूबने से प्रभावित हुई हैं। फूलगोभी, पत्तागोभी और टमाटर की पौध भी पानी में समा जाने के कारण पूरी तरह खराब हो गई है। व्यापक स्तर पर हुई इस फसल बर्बादी से किसानों को भारी आर्थिक क्षति की आशंका है।

स्थानीय प्रशासन इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। जल निकासी के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, साथ ही प्रभावित किसानों की सहायता के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य भविष्य में फसल बर्बादी के संभावित संकट को कम करना है।