बरेली में हेरोइन फैक्ट्री का भंडाफोड़, 10 करोड़ की खेप संग तीन गिरफ्तार
बरेली के आलमपुर कोट गांव में पुलिस ने एक घर के भीतर चल रही हेरोइन निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। मौके से करीब 10...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 23 अक्टूबर 2026
बरेली जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। बरेली यूनिट की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और सिरौली थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से आलमपुर कोट गांव स्थित एक मकान में छापा मारकर अवैध रूप से हेरोइन निर्माण कर रही फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है, साथ ही भारी मात्रा में नशीले रसायन और तैयार हेरोइन जब्त की गई है।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस छापेमारी के दौरान कुल 4 किलो 515 ग्राम निर्मित व अर्धनिर्मित हेरोइन बरामद की गई है। इसके अलावा, हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाले 8 किलो 560 ग्राम सोडियम कार्बोनेट और 1 किलो 694 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड जैसे घातक रसायनों को भी जब्त किया गया है। प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक, जब्त की गई हेरोइन और रसायनों की बाजार कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इस गिरोह के बड़े पैमाने पर संचालन की ओर इशारा करता है।
गिरफ्तारी और पूछताछ से खुला राज
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामभरोसे, वीरेश और बृजेश के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ है कि ये तीनों आरोपी काफी समय से इस मकान में रसायनों को मिलाकर हेरोइन तैयार करने का काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि हेरोइन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री उन्हें झारखंड स्थित एक व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराई जाती थी। तैयार की गई हेरोइन को बाद में फुटकर विक्रेताओं के माध्यम से बाजार में बेचा जाता था, और प्राप्त मुनाफे को आपस में बांट लिया जाता था।
सामान जब्त और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मौके से केवल नशीले पदार्थों और रसायनों को ही जब्त नहीं किया, बल्कि हेरोइन निर्माण में उपयोग किए जा रहे अन्य उपकरणों को भी कब्जे में लिया है। इनमें एक गैस सिलेंडर, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, विभिन्न प्रकार के बर्तन और तीन मोबाइल फोन शामिल हैं। इन मोबाइल फोन से प्राप्त जानकारी मामले की आगे की जांच में सहायक सिद्ध हो सकती है।
इस संबंध में, अपराध संख्या 355/2026 के तहत एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। 22 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुई इस कार्रवाई में सिरौली थाने की बड़ागांव चौकी पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा इनके पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। आगे की विधिक प्रक्रियाएं भी इसी जांच के आधार पर पूरी की जाएंगी।
