बरेली मंडी का औचक निरीक्षण: आयुक्त ने सुनीं किसानों की समस्याएं, व्यवस्थाओं को सुधाराने के निर्देश
मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आयुक्त श्री कुमार पुरुषोत्तम ने बरेली मंडी का निरीक्षण कर किसानों, व्यापारियों और हम्मालों से संवाद किया। उन्होंने ई-मंडी, तौल कांटे, कृषक विश्राम गृह सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसान हित में सुधार के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 14 अगस्त 2026
किसानों को कृषि उपज के विक्रय के दौरान बेहतर, पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आयुक्त-सह-प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को कृषि उपज मंडी समिति बरेली का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का मौके पर जायजा लिया और किसानों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति जानी।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने मंडी में मौजूद किसानों, व्यापारियों, हम्मालों और तुलावटियों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने कृषि उपज की आवक, नीलामी प्रक्रिया, तौल, भुगतान सहित मंडी में मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। किसानों और अन्य मंडी हितधारकों की समस्याओं और सुझावों को ध्यान से सुनते हुए, श्री पुरुषोत्तम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मंडी में ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, जिससे किसानों को अपनी उपज के विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ई-मंडी और डिजिटल प्रणालियों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन
आयुक्त श्री पुरुषोत्तम ने मंडी परिसर में ई-मंडी और ई-नाम प्रणाली की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ई-नाम लैब, पेमेंट काउंटर और किसानों को भुगतान से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि डिजिटल प्रणालियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कृषि उपज के व्यापार और भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बन सके। यह डिजिटल व्यवस्थाएं किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और भुगतान प्रक्रिया को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता पर जोर
ई-मंडी व्यवस्था के साथ-साथ, आयुक्त ने कृषक विश्राम गृह, कैंटीन, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और सूचना प्रसारण व्यवस्था का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मंडी परिसर में आने वाले किसानों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को पर्याप्त और व्यवस्थित बनाए रखा जाए। स्वच्छता और सुचारू पेयजल आपूर्ति किसानों के लिए मंडी में बिताए जाने वाले समय को अधिक आरामदायक बनाती है, जो उनकी सुविधा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नीलामी शेड, तौल कांटे और गुणवत्ता सुधार पर ध्यान
निरीक्षण के क्रम में, श्री पुरुषोत्तम ने नीलामी शेड, सीसी रोड, शौचालय और 10 मीट्रिक टन क्षमता वाले इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे का भी अवलोकन किया। उन्होंने तौल व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक तकनीकी और संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मंडी परिसर में प्रस्तावित ग्रेडिंग एवं क्लीनिंग प्लांट के लिए चिन्हित स्थल का भी निरीक्षण किया। कृषि उपज की गुणवत्ता सुधारने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रस्तावित इन महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। गुणवत्तापूर्ण उपज के लिए ग्रेडिंग और क्लीनिंग सुविधाएं किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं।
यातायात व्यवस्था और अधोसंरचनात्मक विकास
मंडी की यातायात और आवागमन व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए, आयुक्त ने अतिरिक्त प्रवेश और निकास मार्ग की आवश्यकता का भी जायजा लिया। उन्होंने मंडी परिसर में प्रस्तावित सीसी कार्य तथा विभिन्न भवनों और संरचनाओं की आवश्यक मरम्मत के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी परिसर में किसानों और वाहनों की आवाजाही सुचारु रहे, इसके लिए आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाना चाहिए। जहां मरम्मत अथवा सुधार की आवश्यकता है, वहां समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मंडी का परिचालन निर्बाध रूप से चलता रहे।
कर्मचारी अनुपालन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
आयुक्त ने मंडी में कार्यरत कर्मचारियों और सुरक्षागार्डों की उपस्थिति और ड्रेस कोड का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी परिसर में तैनात कर्मचारी अपने निर्धारित दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करें। साथ ही, किसानों और व्यापारियों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना बनाए रखें। यह सुनिश्चित करता है कि मंडी में एक सौहार्दपूर्ण और पेशेवर वातावरण बना रहे, जो सभी हितधारकों के लिए लाभकारी हो।
इस आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मंडी की व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत को समझने के साथ-साथ अधिकारियों को आवश्यक सुधारों के निर्देश मिलने से मंडी प्रशासन में भी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया है। आयुक्त के निर्देशानुसार, मंडी प्रबंधन अब किसान-केंद्रित नीतियों और बेहतर सुविधाओं को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मंडी बरेली की सचिव श्रीमती ऋतु गढ़वाल, अधीक्षण यंत्री श्री मधुकर पवार, कार्यपालन यंत्री श्री एस.सी. गोयल, सहायक यंत्री श्री आनंद योगी, उपयंत्री श्री एन.सी. जाटव एवं मंडी लेखापाल श्रीमती दीपिका धुर्वे सहित मंडी का स्टाफ उपस्थित रहा।
