बरेली के डीएम सख्त: 20 सितंबर तक गन्ना किसानों का बकाया भुगतान करें
बरेली के जिलाधिकारी ने किसान दिवस पर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया। उन्होंने अधिकारियों को 20 सितंबर तक भुगतान सुनिश्चित करने के...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 16 सितंबर 2026
बरेली के जिलाधिकारी ने बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मुख्य रूप से गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को 20 सितंबर 2026 तक सभी बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समस्याओं के निस्तारण में तत्परता दिखाई जानी चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों द्वारा प्रस्तुत की गई शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, किसान क्रेडिट कार्ड ऋण पर मिलने वाली तीन प्रतिशत ब्याज छूट से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने आगामी किसान दिवस में सभी विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अनिवार्यता पर भी बल दिया, ताकि समस्याओं के समाधान की दिशा में हुई प्रगति का जायजा लिया जा सके।
मधुमक्खी पालन पर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
बैठक के दौरान, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. रंजीत सिंह ने किसानों को फसलों को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि 28 से 30 सितंबर 2026 तक इज्जतनगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में मधुमक्खी पालन पर एक तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में किसानों को मधुमक्खी पालन की नवीनतम तकनीकों और उसके आर्थिक लाभों के बारे में सिखाया जाएगा।
विभागीय योजनाओं पर चर्चा
जिला उद्यान अधिकारी ने बैठक में विभिन्न विभागीय योजनाओं, किसानों के लिए उपलब्ध अनुदान और सरकारी छूटों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। बैठक में कृषि, विद्युत, गन्ना, उद्यान, मत्स्य, रेशम, सहकारिता, सिंचाई, बीमा और दुग्ध जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में जनपद के प्रगतिशील किसानों ने भी इस बैठक में भाग लिया और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और किसानों के प्रति अधिक संवेदनशील रहने के निर्देश दिए हैं।
