बरेली: हवालात से बंदी फरार, लापरवाही पर 8 पुलिसकर्मी निलंबित
बरेली जिला न्यायालय की हवालात से पेशी के दौरान बंदी सचिन सिंह ठाकुर के फरार होने के मामले में एसएसपी ने आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 24 अक्टूबर 2026
बरेली जिला न्यायालय परिसर स्थित हवालात से एक बंदी के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुभाषनगर निवासी बंदी सचिन सिंह ठाकुर को 21 अक्टूबर को पेशी के लिए लाया गया था, लेकिन वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भागने में सफल रहा। इस घटना की प्रारंभिक जांच में लापरवाही और जानबूझकर मामला छिपाने का खुलासा हुआ है, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने कड़ा कदम उठाया है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने ड्यूटी पर तैनात दरोगा विजेंद्र सिंह सहित कुल आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन निलंबित पुलिसकर्मियों में हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, सुधीर कुमार, सोमदास, धर्मेंद्र तथा कांस्टेबल इंद्रजीत और आदेश शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को देने के बजाय, पुलिसकर्मियों ने इसे तीन दिनों तक छुपाए रखा। इस लापरवाही से न केवल विभागीय छवि धूमिल हुई, बल्कि विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचा।
बंदी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित
फरार बंदी सचिन सिंह ठाकुर की त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी ने चार संयुक्त पुलिस टीमें गठित की हैं। इन टीमों में सर्विलांस, एसओजी (Special Operations Group), कोतवाली और सुभाषनगर थाने के अनुभवी जवानों को शामिल किया गया है। ये टीमें बंदी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और उसे पकड़ने के हर संभव प्रयास कर रही हैं। इस घटना के बाद से न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज
जिला प्रशासन और पुलिस महकमा वर्तमान में फरार बंदी की बरामदगी और मामले की गहन जांच पर अपना ध्यान केंद्रित किए हुए है। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस हर कोण से जांच कर रही है ताकि बंदी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके और सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को दूर किया जा सके।
