बरेली: बारिश में जर्जर मकान का मलबा गिरा, महिला की मौत
बरेली के मीरगंज में रविवार को भारी बारिश के चलते एक जर्जर मकान की खपरैल गिर गई। हादसे में 65 वर्षीय फूला देवी की मौत...

अफसार खान संवाददाता बरेली | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 27 सितंबर 2026
बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र के गोरा लोकनाथपुर गांव में रविवार की सुबह हुई भारी बारिश के कारण एक जर्जर मकान का बरामदा ढह गया। इस दुखद घटना में 65 वर्षीय फूला देवी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फूला देवी शौचालय से लौटते समय मलबे की चपेट में आ गईं।
दुर्घटना में सोमपाल नाम का एक युवक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। स्थानीय लोगों की तत्परता से मलबे को हटाया गया और घायलों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक फूला देवी का निधन हो चुका था। घायल सोमपाल को तत्काल निकटतम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है।
बारिश के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
रविवार की सुबह मीरगंज क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। इसी बीच, गोरा लोकनाथपुर गांव में एक अप्रिय घटना ने सभी को झकझोर दिया। एक पुराना और जर्जर अवस्था में पहुंचा मकान, जिसकी खपरैलें भी काफी कमजोर हो चुकी थीं, बारिश के लगातार दबाव को सहन नहीं कर सका और उसका एक हिस्सा अचानक गिर गया।
उस समय, 65 वर्षीय फूला देवी नामक बुजुर्ग महिला उस बरामदे से गुजर रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह संभवतः पास के शौचालय से अपने घर की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान, ऊपर से खपरैल का मलबा उन पर आ गिरा, जिससे वह बुरी तरह दब गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे को हटाने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक वजन और समय की कमी के चलते फूला देवी को बचाया नहीं जा सका। उनकी मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई।
एक युवक गंभीर रूप से घायल
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में केवल फूला देवी ही प्रभावित नहीं हुईं, बल्कि सोमपाल नामक एक युवक भी मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए तत्काल मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया। उनके त्वरित प्रयासों से घायल सोमपाल को मलबे से बाहर निकाला गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, घायल सोमपाल को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया और वर्तमान में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
प्रशासनिक अमले ने घटना स्थल का लिया जायजा
जैसे ही इस दुखद हादसे की सूचना स्थानीय प्रशासन को मिली, मीरगंज की उपजिलाधिकारी सुश्री निधि शुक्ला और तहसीलदार आशीष कुमार तत्काल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां की स्थिति का गंभीरता से जायजा लिया और स्थानीय लोगों से घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की।
प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान, स्थानीय जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पर मौजूद रहे और उन्होंने भी प्रभावित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने तत्काल मलबे को हटाने और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के आवश्यक निर्देश जारी किए। पुलिस ने इस मामले में अपनी कानूनी कार्यवाही भी शुरू कर दी है। इस घटना के कारण पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।
सुरक्षा के मद्देनजर जर्जर भवनों के प्रति एहतियात की अपील
इस मार्मिक घटना के बाद, प्रशासन ने क्षेत्र के निवासियों से विशेष अपील की है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे अपने घरों, विशेषकर उन मकानों की स्थिति का जायजा लें जो जर्जर हो चुके हैं। बारिश के मौसम में ऐसे भवनों से खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मकानों में रहने वाले लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को टाला जा सके।
इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय ग्राम प्रधान और अन्य जिम्मेदार लोगों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की पहचान करें और उनकी मरम्मत या यदि आवश्यक हो तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। ऐसे भवनों के संबंध में तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर जर्जर हो चुकी सरकारी और निजी संपत्तियों की उपेक्षा को उजागर किया है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।
