बरेली: अवैध हथियार और 11 मुकदमों वाले शातिर अपराधी को पुलिस ने दबोचा
बरेली के बिथरी चैनपुर पुलिस ने एक शातिर अपराधी आकिब को अवैध तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ चोरी, गैंगस्टर...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 11 अक्टूबर 2026
बरेली जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत बिथरी चैनपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक शातिर अपराधी आकिब को अवैध हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 10 अक्टूबर 2026 को नवदिया झादा मार्ग के निकट हुई, जहाँ पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान जाकिर के पुत्र आकिब के रूप में हुई है, जो स्थानीय निवासी है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इस संबंध में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा अपराध संख्या 604/2026 दर्ज कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
आपराधिक इतिहास और पूर्व में दर्ज मुकदमे
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आकिब का लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके विरुद्ध बिथरी चैनपुर, कैंट, प्रेमनगर, फरीदपुर, हाफिजगंज और नवाबगंज जैसे विभिन्न थानों में चोरी, वाहन अपराध, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कुल ग्यारह (11) मुकदमे दर्ज हैं। इससे पहले वह टायर चोरी के एक मामले में भी नामजद हो चुका है।
कानूनी कार्रवाई से बचने का प्रयास और संभावित मंशा
पूछताछ के दौरान आरोपी आकिब ने स्वीकार किया कि वह पूर्व में दिल्ली में छिपकर रह रहा था, लेकिन वहाँ काम बंद हो जाने के बाद वापस लौट आया था। अधिकारियों का मानना है कि वह नवरात्रि जैसे संवेदनशील समय के दौरान किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए पुल के पास जाल बिछाकर उसे दबोच लिया।
आगे की कार्रवाई और नेटवर्क की तलाश
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना प्रभारी राजेश बाबू मिश्रा, उपनिरीक्षक योगेंद्र कटारे और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। वर्तमान में आरोपी आकिब को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहाँ से जेल भेजे जाने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस अब उससे जुड़े नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ कर रही है, ताकि जिले में अपराध की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
