बरखेड़ा कलां में पीएम आवास के नाम पर रिश्वतखोरी, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
गुना जिले की बरखेड़ा कलां ग्राम पंचायत के निवासियों ने सचिव और रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 4 अगस्त 2026
गुना जिले की विकासखंड चाचौड़ा की ग्राम पंचायत बरखेड़ा कलां के निवासियों ने मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर जनसुनवाई में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव सुरेश मीना और रोजगार सहायक बाबूलाल गुर्जर पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सचिव को तत्काल पद से हटाने और उनका स्थानांतरण करने की मांग की है। यह मामला प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को उजागर करता है, जिसके कारण योग्य लाभान्वितों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन में विस्तृत रूप से उल्लेख किया गया है कि पंचायत सचिव और रोजगार सहायक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के सत्यापन की प्रक्रिया के नाम पर सुमित्रा लोधा सहित कई अन्य पात्र हितग्राहियों से प्रत्येक से 1500-1500 रुपये की राशि रिश्वत के तौर पर वसूली गई। इसके बावजूद, जिन लोगों ने पैसे दिए, उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिला, जिससे ग्रामीणों में भारी असंतोष है। यह स्थिति सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इन आरोपों के अतिरिक्त, एक और गंभीर मामला सामने आया है जिसमें सचिव सुरेश मीना, जो मूल रूप से अमृतखेड़ी के निवासी हैं, पर अपनी पत्नी राधे बाई का नाम फर्जी तरीके से बरखेड़ा कलां पंचायत में दर्ज कराकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत कराने का आरोप है। इस प्रकार, उन्होंने न केवल नियमों का उल्लंघन किया बल्कि एक सरकारी योजना का दुरुपयोग करके अनुचित लाभ भी उठाया।
सचिव पर पद के दुरुपयोग का आरोप
इस पूरे मामले के खुलासे के बाद, पीसीओ (प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर ऑफिस) शिवराज सिंह भील ने अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए बताया कि कंप्यूटर संचालन के संबंध में उनका ज्ञान सीमित है। इसी कारणवश, उन्होंने अपनी आईडी और पासवर्ड पंचायत सचिव सुरेश मीना को सौंप दिया था, यह विश्वास करते हुए कि वह इसका उपयोग पंचायत के कार्यों में सहायता के लिए करेंगे। हालांकि, सचिव ने इस भरोसे का गलत फायदा उठाया। आरोप है कि सुरेश मीना ने शिवराज सिंह भील की आईडी का दुरुपयोग करते हुए, पात्र और योग्य हितग्राहियों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से हटा दिए और उनकी जगह अपनी पत्नी राधे बाई का नाम जोड़ दिया। इस प्रकार, उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी के लिए आवास स्वीकृत कराया।
ग्रामीणों, जिनमें सरपंच और पंच भी शामिल हैं, ने सचिव सुरेश मीना की कार्यशैली से गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनकी शिकायत है कि सचिव द्वारा लगातार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को अंजाम दिया जा रहा है, जिससे आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में बाधा आ रही है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, ग्रामीणों ने एक निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अपनी मांगों के समर्थन में, ग्रामीणों ने जितेंद्र लोधा, रामधन, गोविंद, कमलेश, मनोज, रचना बाई, दिनेश, कैलाश, निर्वेश मीणा और पीसीओ शिवराज सिंह सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर युक्त एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मामले की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र ही उचित कार्रवाई करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
