बरगांव में युवा वैज्ञानिक ड्रोन तकनीक से हुए रूबरू: IIITDM ने आयोजित की कार्यशाला
IIITDM जबलपुर ने बरगांव के नर्मदांचल विद्यापीठ में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें विद्यार्थियों को इस उभरती तकनीक के विविध उपयोगों की जानकारी दी गई।

द क्लिफ न्यूज़ | 14 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के बरगांव में विद्यार्थियों को आधुनिक ड्रोन तकनीक से परिचित कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (IIITDM), जबलपुर द्वारा नर्मदांचल विद्यापीठ में आयोजित की गई। इस पहल का मुख्य लक्ष्य युवाओं को उभरती प्रौद्योगिकियों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराना था।
कार्यशाला का नेतृत्व IIITDM जबलपुर के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर और डीन, डॉ. मुकेश राय ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों के समक्ष विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। डॉ. राय ने बताया कि कैसे ड्रोन आज कृषि, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण की निगरानी, रक्षा, लॉजिस्टिक्स और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने छात्रों को वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने और नवाचार-आधारित करियर के अवसरों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।
ड्रोन के घटकों और कार्यप्रणाली का सजीव प्रदर्शन
IIITDM जबलपुर के कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर और एयरो फैब्रिकेशन के प्रभारी, डॉ. अक्षय पांडे ने ड्रोन तकनीक पर एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया। इस सत्र के दौरान, उन्होंने ड्रोन के विभिन्न घटकों, उनके डिजाइन, कार्यप्रणाली, निर्माण प्रक्रिया और जमीनी स्तर पर उनके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस सत्र में एयरो फैब्रिकेशन टीम के सदस्यों - अपूर्वा वर्मा, ऋतिक राय, अभिनव गोयल और मोहित देव - ने भी तकनीकी प्रदर्शनों और व्यावहारिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहयोग किया, जिससे विद्यार्थियों को ड्रोन के संचालन और निर्माण को करीब से समझने का अवसर मिला।
कार्यशाला में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने इस आयोजन में गहरी रुचि दिखाई और विशेषज्ञों के साथ खुलकर संवाद किया। विद्यार्थियों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम से उन्हें न केवल आधुनिक तकनीक की उपयोगिता समझ में आई है, बल्कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक अवसरों की भी जानकारी मिली है।
नर्मदांचल विद्यापीठ की प्राचार्य ने IIITDM जबलपुर की पूरी टीम का हार्दिक अभिनंदन किया और इस कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात की सराहना की कि यह पहल ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों तक उन्नत तकनीकी ज्ञान पहुंचाने और उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों और विद्यालय के स्टाफ की उपस्थिति में आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, जो भविष्य में ऐसे आयोजनों की निरंतरता का संकेत देता है।
