बाराबंकी-बहराइच फोरलेन को गोरखपुर तक विस्तार की मांग, गडकरी ने दिए निर्देश
पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बाराबंकी-बहराइच फोरलेन को श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर होते हुए गोरखपुर तक बढ़ाने की मांग की। गडकरी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | 12 अगस्त 2026
पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बाराबंकी-बहराइच फोरलेन राजमार्ग को श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर होते हुए गोरखपुर तक विस्तारित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय मंत्री को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें उन्होंने क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटन और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस विस्तार से पूर्वांचल के कई जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसरों में वृद्धि होगी।
पूर्व सांसद मिश्र ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि बाराबंकी-बहराइच फोरलेन का प्रस्तावित विस्तार श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और अंततः गोरखपुर तक जोड़ने से पूर्वांचल के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि श्रावस्ती, जो भगवान बुद्ध की तपोस्थली है, देश-विदेश के बौद्ध अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। इसी प्रकार, बलरामपुर स्थित प्रसिद्ध देवीपाटन मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इन प्रमुख धार्मिक स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क स्थापित होने से पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी
प्रस्तावित राजमार्ग विस्तार से न केवल श्रावस्ती और बलरामपुर, बल्कि सिद्धार्थनगर और गोरखपुर जैसे जिलों को भी एक बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। इससे आवागमन सुगम होने के साथ-साथ कृषि, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। यह मार्ग भारत और नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार और पारगमन गलियारे के रूप में भी काम कर सकता है, जिससे रूपईडीहा लैंड पोर्ट तक पहुंच में सुधार होगा।
केंद्रीय मंत्री की सकारात्मक प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। यह परियोजना, जिसे हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर ₹6,969.04 करोड़ की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के तहत बाराबंकी से बहराइच तक 101.515 किलोमीटर लंबाई में 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे के रूप में मंजूरी मिली है, अब विस्तार की संभावनाओं के साथ महत्वपूर्ण हो गई है। इस परियोजना का उद्देश्य आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स हब को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
