बांकीपुर और दतिया उपचुनाव: प्रशांत किशोर और घनश्याम सिंह विजयी
बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनावों के नतीजे आज घोषित हुए। बांकीपुर से प्रशांत किशोर और दतिया से घनश्याम सिंह ने जीत दर्ज की है।

द क्लिफ न्यूज़ | 3 अगस्त 2026
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए कड़े उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार को 18,953 वोटों के बड़े अंतर से हराकर विजयी पताका फहराई है। इस जीत के साथ ही भाजपा का पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में भगवा पार्टी को तगड़ा झटका लगा है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए अंतिम आंकड़ों के अनुसार, बांकीपुर सीट पर 32 राउंड की मतगणना संपन्न होने के बाद प्रशांत किशोर को कुल 63,203 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा के नीरज कुमार 44,250 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की उम्मीदवार रेखा कुमारी 14,085 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं, जो इस मुकाबले में एक बड़ी हार का संकेत देता है।
बांकीपुर में जन सुराज की ऐतिहासिक जीत
पटना के शहरी क्षेत्र में स्थित बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का गढ़ रही है। पूर्व में इस सीट का प्रतिनिधित्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन करते थे। ऐसे में, प्रशांत किशोर की जीत को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। प्रशांत किशोर, जिन्होंने हाल ही में जन सुराज अभियान के माध्यम से बिहार की राजनीति में अपनी पैठ बनाई है, की यह जीत राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में विश्लेषित की जा रही है। इस जीत से जन सुराज पार्टी के प्रभाव और प्रशांत किशोर के नेतृत्व की ताकत का स्पष्ट संकेत मिलता है। यह परिणाम राज्य की भविष्य की राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
दतिया में कांग्रेस का परचम
इसी क्रम में, मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भी परिणाम घोषित हो गए हैं। यहाँ कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,053 वोटों के अंतर से पराजित कर दिया है। इस जीत के साथ ही कांग्रेस ने दतिया सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है, जबकि भाजपा एक महत्वपूर्ण सीट हार गई। यह परिणाम मध्य प्रदेश की राजनीतिक परिदृश्य में भी बदलाव का संकेत दे सकता है, जहाँ कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए यह जीत हासिल की है। दोनों उपचुनावों के परिणाम आगामी चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माने जा रहे हैं।
