बलरामपुर: ठेकेदारी के नाम पर 55 लाख की ठगी, 11 बीघा जमीन हड़पने का मुकदमा दर्ज
बलरामपुर में ज्योति पांडे ने करीबी रिश्तेदारों पर ठेकेदारी में साझेदारी का झांसा देकर 55 लाख रुपये हड़पने और बीमार पति के नाम पर 11...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 6 अक्टूबर 2026
बलरामपुर जिले के सिरसिया कुकुरभुकवा निवासी ज्योति पांडे ने अपने एक करीबी रिश्तेदार और उसके सहयोगियों पर ठेकेदारी में साझेदारी का झांसा देकर करीब 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने तथा बीमार पति के नाम पर 11 बीघा जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार की आर्थिक स्थिति डांवाडोल होने के कारण बच्चों को महंगे निजी स्कूलों से हटाकर सरकारी प्राथमिक विद्यालय में भेजना पड़ रहा है।
पीड़िता के अनुसार, उनके पास पहले कुल 18 बीघा जमीन थी। सात बीघा जमीन 63 लाख रुपये में बेचने के बाद प्राप्त धनराशि को उन्होंने परिवार के सुरक्षित भविष्य और बच्चों की शिक्षा के लिए बचाकर रखा था। आरोप है कि लक्ष्मीकांत मिश्रा नामक व्यक्ति और उसके साथियों ने ज्योति के पति राहुल पांडे को नशे का आदी बनाकर उनकी शारीरिक और मानसिक कमजोरी का अनुचित लाभ उठाया। ज्योति ने बताया कि उनके पति का दिल्ली में लीवर का इलाज चल रहा है। अस्पताल से लौटने के कुछ ही दिनों बाद, उन्हें उपनिबंधक कार्यालय ले जाकर जमीन का बैनामा करा लिया गया।
धोखाधड़ी और बैनामे की प्रक्रिया पर सवाल
सरकारी दस्तावेजों में 77.11 लाख रुपये की मालियत वाली जमीन के बैनामे में मात्र 11.44 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। पीड़िता का दावा है कि इस राशि को भी आरोपियों द्वारा वापस लेने की बात कही जा रही है। ज्योति ने यह भी आरोप लगाया कि 13 दिसंबर 2025 को जब उन्होंने अपनी जमीन पर कब्जे का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के समक्ष छह बार गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर अंततः उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज
न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद, पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामले को सही मानते हुए अजीत मिश्र, लक्ष्मीकांत मिश्र, विजय मिश्र, दिलीप कुमार, वेद प्रकाश और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति सहित कुल छह लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। ज्योति पांडे की सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर है, जो पहले फातिमा स्कूल जैसे प्रतिष्ठित निजी संस्थान में पढ़ रहे थे, लेकिन अब उन्हें सरकारी प्राथमिक विद्यालय में अध्ययन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जांच की तैयारी और पीड़ित परिवार की उम्मीदें
वर्तमान में, परिवार की उम्मीदें पुलिस की निष्पक्ष जांच और अदालत के फैसले पर टिकी हैं, ताकि उनकी जमा-पूंजी और पैतृक जमीन उन्हें वापस मिल सके। पुलिस इस मामले में गहन जांच की तैयारी कर रही है, जिसमें बैंक खातों, पार्टनरशिप डीड और बिक्री अनुबंधों जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पड़ताल शामिल होगी, ताकि घटना की सत्यता को उजागर किया जा सके।
