बलरामपुर: थारू विकास परियोजना का डीएम ने किया निरीक्षण, कौशल विकास पर जोर
बलरामपुर के जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने पचपेड़वा के विशुनपुर विश्राम स्थित थारू विकास परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने कंप्यूटर प्रशिक्षण, सिलाई-बुनाई और हैंडलूम यूनिट स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि थारू समुदाय को रोजगार से जोड़ा जा सके।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 10 अगस्त 2026
बलरामपुर के जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने विकास खंड पचपेड़वा के विशुनपुर विश्राम में स्थित थारू विकास परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना के अंतर्गत विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने थारू विकास परियोजना परिसर में निर्माणाधीन कंप्यूटर लैब और सिलाई-बुनाई प्रशिक्षण केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर लैब के माध्यम से थारू जनजाति के छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा से जोड़ा जाएगा, जिसके लिए उन्हें निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण और कंप्यूटर डिप्लोमा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करना है।
कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र की मान्यता संबंधी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने पर जोर
जिलाधिकारी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य पूरा होने की प्रतीक्षा किए बिना, उसकी मान्यता प्राप्त करने से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं और प्रक्रियाएं तत्काल पूरी कर ली जाएं। इससे केंद्र के तैयार होते ही विद्यार्थियों का प्रशिक्षण सत्र आरंभ किया जा सके और उन्हें मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम एवं प्रमाण पत्र/डिप्लोमा का लाभ सुनिश्चित हो सके। यह कदम समय की बचत करेगा और छात्रों को तुरंत लाभान्वित करेगा।
महिलाओं के कौशल को रोजगार से जोड़ने के लिए हैंडलूम यूनिट की स्थापना
निर्माणाधीन सिलाई-बुनाई प्रशिक्षण केंद्र के निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण को केवल कौशल विकास तक सीमित न रखते हुए उसे रोजगार और आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि थारू विकास परियोजना परिसर में सिलाई-बुनाई प्रशिक्षण केंद्र के साथ-साथ एक हैंडलूम यूनिट भी स्थापित की जाए। इससे प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं वहीं पर हैंडलूम और अन्य उपयोगी उत्पादों का निर्माण कर सकेंगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं द्वारा बनाए गए हैंडलूम उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, इन उत्पादों की बिक्री के लिए उचित बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य थारू समुदाय की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के स्थायी अवसर प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण और संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश
इसी क्रम में, जिलाधिकारी ने थारू विकास परियोजना परिसर में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी सहित उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सेवाओं का गहन जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय लोगों को उनके निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने, गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित करेगा कि क्षेत्र के लोगों को सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय में शैक्षिक सुधार पर ध्यान
इसके पश्चात, जिलाधिकारी ने राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय, विशुनपुर विश्राम का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं से सीधे संवाद किया और पठन-पाठन, आवासीय व्यवस्था तथा विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ छात्राओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने नियमित रूप से खेलकूद, सांस्कृतिक, रचनात्मक और अन्य अतिरिक्त पाठ्यचर्या गतिविधियों के आयोजन पर जोर दिया। उन्होंने विद्यालय में छात्राओं को हाउसवार विभाजित कर हाउस-वाइज गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित करने के भी निर्देश दिए, ताकि उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीम भावना विकसित हो सके।
1.28 करोड़ की लागत से थारू विकास परियोजना का सुदृढ़ीकरण
यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं और जिला प्रशासन के प्रभावी प्रयासों से थारू विकास परियोजना, विशुनपुर विश्राम को लगातार सशक्त और आधुनिक बनाया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देशन में, परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए शासन से ₹1.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस धनराशि का उपयोग परियोजना क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, शिक्षा और संस्थागत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में किया जा रहा है। परियोजना परिसर में रंग-रोगन, मरम्मत, आधारभूत सुविधाओं के विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य भी तेजी से कराए जा रहे हैं। परियोजना का मुख्य उद्देश्य इसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार का एक मजबूत केंद्र बनाना है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, प्रशिक्षु आईएएस शिवांश जागाड़े सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
