बलरामपुर: सीएचसी सादुल्लानगर के निरीक्षण में डीएम ने दिए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश
बलरामपुर के डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने सीएचसी सादुल्लानगर का निरीक्षण कर मरीजों से संवाद किया। उन्होंने लेबर रूम को सुदृढ़ करने और ओटी के नियमित संचालन के निर्देश दिए।

संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 3 सितंबर 2026
बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सादुल्लानगर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और मरीजों से सीधा संवाद कर उन्हें मिल रही चिकित्सा सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न अनुभागों का बारीकी से अवलोकन किया, जिनमें वार्ड, इमरजेंसी कक्ष, नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाई (एनबीएसयू) और लेबर रूम प्रमुख रूप से शामिल थे। उन्होंने भर्ती मरीजों से उनकी समस्याओं, उन्हें मिल रही चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के संबंध में पूछताछ की, तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर उनका फीडबैक लिया।
लेबर रूम सुदृढ़ीकरण और प्रसव सुविधाओं में सुधार
जिलाधिकारी ने सीएचसी में प्रसव संबंधी सेवाओं की व्यवस्थाओं का भी गहनता से जायजा लिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने की महत्ता पर बल दिया। इस दिशा में उन्होंने घोषणा की कि सीएचसी के लेबर रूम को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए क्रिटिकल गैप से 10 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की जाएगी। इस राशि से लेबर रूम में आवश्यक सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, जिससे प्रसव संबंधी सुविधाएं बेहतर होंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस कार्य को शीघ्रता से और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
ऑपरेशन थिएटर का नियमित संचालन और एनेस्थीसिया की व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का भी निरीक्षण किया और उसे नियमित रूप से संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सीएचसी स्तर पर आवश्यक ऑपरेशन की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए रोटेशन के आधार पर एनेस्थीसिया की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस कदम से स्थानीय मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा और उन्हें अनावश्यक रूप से अन्य चिकित्सालयों में रेफर करने की आवश्यकता कम हो जाएगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
निष्प्रयोज्य भवनों का मूल्यांकन और ध्वस्तीकरण
जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर का भ्रमण करते हुए निष्प्रयोज्य भवनों की स्थिति का भी अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन भवनों का नियमानुसार मूल्यांकन कराने और तत्पश्चात उनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य परिसर का बेहतर एवं सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करना है।
डॉ. जैन ने स्वास्थ्य केंद्र पर साफ-सफाई, मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीएचसी पर आने वाले प्रत्येक मरीज को सर्वोत्तम संभव स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
