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बलरामपुर: राप्ती नहर निर्माण में धांधली के आरोप, पूर्व विधायक ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

बलरामपुर के गैसड़ी में राप्ती नहर के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक ने उच्च स्तरीय जांच की मांग...

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संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
बलरामपुर: राप्ती नहर निर्माण में धांधली के आरोप, पूर्व विधायक ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 18 सितंबर 2026

बलरामपुर के गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र में राप्ती नहर के निर्माण कार्य में कथित धांधली और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह 'शैलू' ने इस निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार का गंभीर मामला करार दिया है। उन्होंने दावा किया है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है और इसमें निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।

पूर्व विधायक ने 15 सितंबर को इस संबंध में प्रदेश के जल शक्ति मंत्री, प्रमुख अभियंता सिंचाई विभाग लखनऊ और मुख्य अभियंता सरयू परियोजना गोंडा को एक पत्र भेजकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है। अपने पत्र में, शैलेश कुमार सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्माण की खराब गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संबंधित फर्म का पूर्व में किया गया कार्य भी संतोषजनक नहीं रहा है।

तकनीकी टीम से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

शैलेश कुमार सिंह ने सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस परियोजना को किसानों के हितों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ बताया है। पूर्व विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में नहर में पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिसका सीधा असर क्षेत्र की कृषि पर पड़ेगा।

उन्होंने शासन से तत्काल एक तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, उन्होंने दोषी अधिकारियों और निर्माण फर्म के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की है, ताकि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोका जा सके और किसानों को राहत मिल सके। फिलहाल, सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से इस मामले पर चुप्पी साधे रखने से क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है।