बलरामपुर प्राथमिक विद्यालय में 'बाल अखबार' का संचारी रोग विशेषांक जारी
बलरामपुर के प्राथमिक विद्यालय कोइलिहा में बच्चों ने 'बाल अखबार' का संचारी रोग विशेषांक निकाला। इसमें बच्चों ने रोगों से बचाव और स्वच्छता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 8 अगस्त 2026
बलरामपुर के प्राथमिक विद्यालय कोइलिहा में शनिवार को एक अनूठी पहल के तहत बच्चों द्वारा 'बाल अखबार- संचारी रोग विशेषांक' का प्रकाशन किया गया। इस विशेष अंक में, छात्रों ने संचारी रोगों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचारों और ज्ञान को कलमबद्ध किया, जिससे समुदाय में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।
इस बाल अखबार के प्रकाशन में अंशिका, ज्योति, वंशिका गुप्ता, अंश, दिशा, सरोजिनी, नंदलाल और आराध्या सहित कई बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रत्येक छात्र ने संचारी रोगों के विभिन्न पहलुओं पर अपने अनूठे दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया। ज्योति ने विस्तार से बताया कि संचारी रोग क्या होते हैं, जबकि आराध्या ने हाथ धोने की सही प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। अंश गुप्ता ने संचारी रोगों से बचाव और उन्हें रोकने के उपायों पर प्रकाश डाला। अंशिका ने एक प्रेरक नारा भी लिखा: "संचारी रोगों से लड़ना है, जीवन में स्वस्थ रहना है।" समर ने विशेष रूप से दिमागी बुखार के बारे में जानकारी दी, जो कि एक गंभीर संचारी रोग है।
संचारी रोगों पर जागरूकता का प्रसार
विद्यालय के प्रधानाध्यापक, बृजेश कुमार द्विवेदी, ने बच्चों द्वारा किए गए इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने स्वयं भी संचारी रोगों, विशेष रूप से दिमागी बुखार, के कारणों, निवारण और उससे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। श्री द्विवेदी ने छात्रों को स्वच्छता के महत्व और नियमित रूप से हाथ धोने जैसी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
इस आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया। अभिभावकों की उपस्थिति ने बच्चों के उत्साह को बढ़ाया और उन्हें इस तरह की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। यह बाल अखबार न केवल छात्रों के लिए एक शैक्षिक मंच साबित हुआ, बल्कि इसने समुदाय के सदस्यों को भी संचारी रोगों के खतरों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
