बलरामपुर में त्योहारों पर डीजे प्रतिबंधित, झांकियों की ऊंचाई तय
बलरामपुर प्रशासन ने आगामी त्योहारों व शोभायात्राओं के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। डीजे, डीजे वाहन और ट्रॉली पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, वहीं झांकियों...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 27 सितंबर 2026
बलरामपुर जिला प्रशासन ने आगामी धार्मिक त्योहारों और शोभायात्राओं को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई नई व्यवस्था के तहत जिले भर में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया अपनाई गई है। इसके अनुसार, अब किसी भी प्रकार के डीजे, डीजे वाहन अथवा ट्रॉली के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल अनुमति प्राप्त माइक्रोफोन सिस्टम का ही न्यूनतम आवश्यक ध्वनि स्तर पर उपयोग किया जा सकेगा। इस नियम का उद्देश्य त्योहारों के दौरान होने वाले अत्यधिक शोरगुल को नियंत्रित करना है, जिससे ध्वनि प्रदूषण से बचा जा सके और आमजन को असुविधा न हो।
झांकियों की ऊंचाई और मार्ग निर्धारण
कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के दृष्टिगत, शोभायात्राओं में प्रदर्शित की जाने वाली मूर्तियों अथवा झांकियों की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट निर्धारित की गई है। इससे ऊपर की झांकियों को अनुमति नहीं मिलेगी। आयोजकों को जुलूस के लिए पूर्व निर्धारित मार्ग और समय का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इसके अतिरिक्त, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए विद्युत विभाग को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि आयोजनों के दौरान विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे और बिजली संबंधी किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव हेतु आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
प्रशासन की अपील और चेतावनी
जिला प्रशासन ने सभी आयोजकों और नागरिकों से अपील की है कि वे जारी किए गए इन नियमों का पूर्णतः पालन करें। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य ध्वनि प्रदूषण मुक्त त्योहार मनाना और क्षेत्र में पूर्ण शांति एवं व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारियों का मानना है कि इन निर्देशों के अनुपालन से न केवल कानून-व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि आम जनता को भी ध्वनि प्रदूषण से राहत मिलेगी और वे अपने पर्वों का आनंद शांतिपूर्वक उठा सकेंगे।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और सद्भाव के प्रति किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित पक्षों को निर्धारित मानकों के भीतर रहकर ही अपने धार्मिक कार्यक्रमों का संचालन करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को पनपने से रोका जा सके।
