बलरामपुर में मुकुट पूजन के साथ रामलीला का शुभारंभ, सोमवार से शुरू होगा मंचन
बलरामपुर में श्रीश्री १०८ सत्य प्रचारिणी रामलीला समिति ने रविवार को मुकुट पूजन के साथ वार्षिक रामलीला का शुभारंभ किया। सोमवार से मंचन शुरू होगा,...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 12 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में श्रीश्री १०८ सत्य प्रचारिणी रामलीला समिति द्वारा आयोजित वार्षिक रामलीला का रविवार को पारंपरिक मुकुट पूजन के साथ औपचारिक शुभारंभ हुआ। रामलीला मंचन स्थल पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पंडित मनीष पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और वीर बजरंगबली के मुकुटों का विधि-विधान पूर्वक पूजन-अर्चन कराया। इस दौरान वेद ध्वनि और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
समिति के अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रामलीला का मंचन सोमवार से प्रतिदिन रात 8:30 बजे से प्रारंभ होगा। लखीमपुर खीरी के न्यू आदर्श विजय रामलीला मंडल के कलाकार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों को मंच पर जीवंत करेंगे। आयोजन के प्रथम दिन सती मोह, रावण जन्म और सीता जन्म के प्रसंग दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। रामलीला के साथ-साथ अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी चलेगी।
नई पीढ़ी को जोड़ने का उद्देश्य
रामलीला आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखना है, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों से भी परिचित कराना है। समिति का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और अगली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है, जो उन्हें अपने इतिहास और मूल्यों से अवगत कराता है।
कलाकारों द्वारा विभिन्न प्रसंगों का मंचन
लखीमपुर खीरी के न्यू आदर्श विजय रामलीला मंडल के अनुभवी कलाकार इस वर्ष की रामलीला में अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। वे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों को इस प्रकार प्रस्तुत करेंगे कि दर्शक स्वयं को उस कालखंड में महसूस करेंगे। इन प्रसंगों में भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक की यात्रा के प्रमुख पड़ावों को शामिल किया जाएगा, जिससे दर्शकों को एक संपूर्ण कथा का अनुभव प्राप्त होगा।
धार्मिकता और सांस्कृतिक मेल
रामलीला का मंचन केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की विविधता को भी प्रदर्शित करता है। इस वर्ष के आयोजन में रामलीला के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय लोक कलाओं, नृत्यों और संगीतों का समावेश होगा, जो बलरामपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएंगे। यह मेल दर्शकों को न केवल भक्ति भाव में लीन करेगा, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जोड़ेगा।
आयोजन की तैयारियों और पदाधिकारी
मुकुट पूजन कार्यक्रम का सफल संचालन और रामलीला के भव्य शुभारंभ में समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय शर्मा, डॉ. तुलसीश दुबे, कार्यवाहक महामंत्री रामप्यारे कश्यप, महामंत्री राधेश्याम मिश्रा, कोषाध्यक्ष विजय कश्यप, अम्बरीष शुक्ला, जय प्रकाश, भानु तिवारी, रजत प्रकाश और निशांत चौहान सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इन सभी के अथक प्रयासों से रामलीला आयोजन की तैयारियां पूरी की गई हैं। समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला का आनंद लेने और इसे सफल बनाने का आग्रह किया है।
