बलरामपुर में मानव सेवा संस्था ने लगाया रक्तदान शिविर, दर्जनों ने किया जीवनदान
बलरामपुर के मोहल्ला निबकौनी में मानव सेवा संस्था द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में करीब एक दर्जन स्वयंसेवकों ने रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद की।

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 19 अक्टूबर 2026
बलरामपुर के मोहल्ला निबकौनी में रविवार को मानव सेवा संस्था द्वारा एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस पुनीत पहल में एक दर्जन से अधिक स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्त दान किया और मानवता की सेवा का संकल्प दोहराया।
शिविर में लखनऊ स्थित मैरी लैंड हॉस्पिटल के सर्जन डॉ. खालिद और बलरामपुर के डॉ. महेश कुमार वर्मा बतौर अतिथि उपस्थित रहे। दोनों चिकित्सकों ने रक्तदान करने वाले सभी स्वयंसेवकों को सम्मानित किया और उनके इस साहसिक कार्य की सराहना की। विशेषज्ञों ने रक्तदान को जीवन रक्षक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं।
रक्तदान से जरूरतमंदों की सेवा का संकल्प
यह आयोजन मानव सेवा संस्था के अध्यक्ष समीर जलील अंसारी और हेल्पिंग बाई बलरामपुर के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन के नेतृत्व में संपन्न हुआ। आयोजकों ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया। इस दौरान ज़हीर खान, आज़म जलील अंसारी, साबिर रायनी, अयान अंसारी, आज़म सिद्दीक़, बदरुद्दीन उर्फ बबलू अंसारी और जियाउल अंसारी ने सहयोजक के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज के लिए प्रेरणा
शिविर में समीर जलील अंसारी, आज़म जलील अंसारी, इरफान अंसारी, जियाउल अंसारी, आदिल अंसारी, रज्जब, शाहिद हसन टीपू, सलीम अंसारी, सगीर अहमद अंसारी, शिव सरन, दीपेंद्र सोनी, मोहम्मद आकिब अंसारी, साकिर अहमद और रज़ा वारसी सहित कई अन्य लोगों ने रक्तदान कर समाज के लिए एक मिसाल पेश की। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे जनसेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों ने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की, क्योंकि एक व्यक्ति का छोटा सा प्रयास किसी परिवार के लिए खुशियाँ वापस ला सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मानव सेवा को सर्वोपरि धर्म बताते हुए इसे आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
