बलरामपुर में महिला सशक्तिकरण पर बहू-बेटी सम्मेलन का प्रशिक्षण संपन्न
बलरामपुर में महिला सशक्तिकरण हेतु बहू-बेटी सम्मेलन का प्रशिक्षण 24 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक चला। जमीनी कार्यकर्ताओं को महिला सुरक्षा, सम्मान व अधिकारों पर प्रशिक्षित किया गया।

संवाददाता: अनिरूद्ध शुक्ला
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 8 सितंबर 2026
बलरामपुर के पचपेड़वा विकास खंड में महिला सशक्तिकरण और उनके अधिकारों की सुरक्षा को लेकर आयोजित बहू-बेटी सम्मेलन का प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण 24 अगस्त 2026 से शुरू होकर 8 सितंबर 2026 तक चला, जिसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को महिलाओं के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूक कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना था।
यह प्रशिक्षण गोरखपुर जोन और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण का नेतृत्व जनपद के यूनिसेफ कोऑर्डिनेटर डॉ. अनिल द्विवेदी ने किया। विकासखंड स्तर पर, मास्टर ट्रेनर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थ मोहित कुमार श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण का संचालन किया। इस कार्यक्रम में विद्या भारती, आलोक पाठक, संजीव कैराती, राममड़ी गौतम, इंद्रेश कुमार, क्षमा वैश्य, प्रमिला पाण्डेय, पारुल चौधरी और ओम प्रकाश जैसे प्रशिक्षकों ने अपनी विशेषज्ञता साझा की और प्रतिभागियों को बहुमूल्य जानकारी प्रदान की।
महिला सुरक्षा और सम्मान पर केंद्रित प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों, गहन समूह चर्चाओं और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को सशक्त बनाने, उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी ढंग से काम करने के तरीके सिखाए गए। प्रशिक्षकों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक अध्यापकों, पंचायत सहायकों, समूह सखियों, आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस विभाग की महिला आरक्षियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के कर्मियों ने बड़ी संख्या में और उत्साहपूर्वक भाग लिया।
व्यवहार परिवर्तन और सशक्तिकरण का लक्ष्य
प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि बहू-बेटियों का सशक्तिकरण केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे परिवार और समाज में व्यवहार परिवर्तन लाने के एक साधन के रूप में देखा जाना चाहिए। प्रतिभागियों को प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में सक्रिय रूप से लागू करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करने में समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रशिक्षण जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की क्षमता को बढ़ाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी जरूरतमंदों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
कार्यक्रम के अंत में, आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और समाज में लैंगिक समानता एवं सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
