बलरामपुर में 'एक शाम शिक्षकों के नाम' कार्यक्रम, गुरुजनों का सम्मान
बलरामपुर में राही पर्यटक आवास गृह ने 'एक शाम शिक्षकों के नाम' कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षकों के योगदान को सराहा और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी।

संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 6 सितंबर 2026
शिक्षक दिवस के अवसर पर बलरामपुर के राही पर्यटक आवास गृह में 'एक शाम शिक्षकों के नाम' नामक एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सम्मानित गुरुजनों के बहुमूल्य योगदान को याद किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। यह आयोजन समाज में शिक्षकों के महत्व और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आवास गृह के मैनेजर दीपू सिंह भदौरिया द्वारा सभी उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं के पुष्प गुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत के साथ हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर, देश के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शिक्षकों ने उनके शैक्षिक विचारों और देश के विकास में शिक्षा के महत्व को स्मरण किया।
डॉ. राधाकृष्णन को स्मरण, शिक्षा के महत्व पर जोर
कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक अरुण कुमार मिश्रा ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, उनके दार्शनिक विचारों और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला माध्यम नहीं है, बल्कि वह विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उनके भविष्य को आकार देने वाला एक मार्गदर्शक होता है। डॉ. राधाकृष्णन का जीवन स्वयं शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान का एक प्रेरणास्रोत है, जो हमें निरंतर प्रेरित करता है।
वरिष्ठ शिक्षक राकेश कुमार मिश्रा ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षक का स्थान हमेशा से ही सर्वोच्च रहा है। समय के साथ शिक्षकों की जिम्मेदारियां बढ़ी हैं और आज के दौर में विद्यार्थियों को एक बेहतर नागरिक के रूप में तैयार करने में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। बदलते परिवेश में शिक्षकों को न केवल ज्ञान प्रदान करना है, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों से भी ओत-प्रोत करना है।
आयोजकों द्वारा शिक्षकों के प्रति आभार
राही पर्यटक आवास गृह के मैनेजर दीपू सिंह भदौरिया ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक समाज को सही दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना हमारे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षक दिवस केवल एक दिन उन्हें याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उनके प्रति हमारे सतत सम्मान और आभार को व्यक्त करने का माध्यम है।
इस आयोजन में क्षेत्र के अनेक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें अरुण कुमार मिश्रा, राकेश कुमार मिश्रा, सिद्धनाथ पाण्डेय, राजेंद्र प्रसाद तिवारी, देवेंद्र तिवारी, शमा खान, रोशन आरा, रोली तिवारी, समीर खान, आमना खातून, मारिया, विनोद कुमार, श्याम कुमार, प्रभात तिवारी, रेनू, सविता कुमारी, सरिता, और मीरा देवी प्रमुख थीं।
सहभोज और शिक्षकों का अभिनंदन
कार्यक्रम के अंत में, शिक्षकों के सम्मान में राही पर्यटक आवास गृह की ओर से एक सहभोज (दावत) का भी आयोजन किया गया, जहाँ सभी उपस्थितजनों ने आपसी मेलजोल बढ़ाया और शिक्षकों के अनुभवों को साझा किया। यह कार्यक्रम बलरामपुर में शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके महत्व को रेखांकित करने की एक सराहनीय पहल के रूप में देखा गया।
