बलरामपुर में डीएम ने लघु सेतु निर्माण का किया निरीक्षण, गुणवत्ता पर जोर
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने जिले में निर्माणाधीन लघु सेतुओं का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता मानकों के अनुपालन और समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 4 अगस्त 2026
बलरामपुर जिले में सड़क संपर्क को मजबूत और आवागमन को सुरक्षित बनाने की दिशा में लोक निर्माण विभाग द्वारा चलाए जा रहे लघु सेतु निर्माण कार्यों का जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से हरिहरगंज–ललिया–बनकटवा मार्ग पर झिन्ने नाला पर बन रहे 3×18.75 मीटर के आरसीसी लघु सेतु, बेला मार्ग के पठानपुरवा से रजगढ़वा मार्ग (घोड़हवा नाला) के किलोमीटर-1 पर निर्माणाधीन 7×4×4 मीटर बॉक्स कल्वर्ट और कोडरी–मथुरा–चौधरीडीह मार्ग पर बन रहे लघु सेतु का गहनता से परीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक परियोजना की भौतिक प्रगति और निर्माण एजेंसी व विभागीय अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा निर्धारित समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की।
निर्माण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
जिलाधिकारी जैन ने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वीकृत डिज़ाइन और मानकों के अनुरूप ही सीमेंट, सरिया, कंक्रीट और अन्य निर्माण सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए ताकि क्षेत्रीय जनता को आवागमन की बेहतर सुविधा शीघ्र मिल सके।
गति और तकनीक अनुपालन के निर्देश
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर कार्यों में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि निर्माण के हर चरण में तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो, ताकि निर्मित सेतु दीर्घकाल तक सुरक्षित और उपयोगी बने रहें। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण के सभी मानकों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए। किसी भी तकनीकी कमी को तत्काल सुधारने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया।
इस निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) शैलेंद्र कुमार सिंह और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
