बलरामपुर में चीनी का पर्याप्त स्टॉक, थोक दाम घटने का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने चीनी की उपलब्धता एवं बाजार मूल्य की समीक्षा करते हुए कहा कि थोक दाम में आई कमी का लाभ आम उपभोक्ताओं तक पहुंचे। स्टॉक लिमिट और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 24 अगस्त 2026
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में बलरामपुर जिले में चीनी की उपलब्धता और बाजार मूल्य की विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, उपायुक्त व्यापार कर, सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति के साथ-साथ जिले की तीनों चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि चीनी के थोक बिक्री मूल्य में हुई कमी का लाभ अंततः आम उपभोक्ताओं तक पहुंचे और बाजार में किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कालाबाजारी को रोका जा सके।
बैठक के दौरान, चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले की चीनी मिलों के भंडार गृहों में फिलहाल चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि चीनी के थोक बिक्री मूल्य में हाल ही में गिरावट आई है। लगभग दस दिन पहले, चीनी का थोक मूल्य ₹5700 से ₹5750 प्रति क्विंटल के बीच था, जो वर्तमान में घटकर लगभग ₹5300 से ₹5400 प्रति क्विंटल हो गया है। यह दर्शाता है कि आपूर्ति की स्थिति सुदृढ़ है और कीमतों में नरमी आई है।
थोक दाम में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुँचाने पर जोर
जिलाधिकारी ने इस मूल्य गिरावट को एक सकारात्मक संकेत मानते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कमी का लाभ फुटकर विक्रेताओं के माध्यम से आम उपभोक्ताओं तक भी पहुँचाया जाए। उन्होंने बाजार में चीनी के थोक और फुटकर बिक्री मूल्य की नियमित निगरानी करने का आदेश दिया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पर्याप्त उपलब्धता का लाभ आमजन को उचित मूल्य के रूप में मिले। यह कदम मूल्य वृद्धि की आशंकाओं को कम करेगा और आम लोगों को राहत प्रदान करेगा।
चीनी डीलरों के लिए स्टॉक लिमिट लागू
बैठक में भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण अधिसूचना के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसके अनुसार 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चीनी डीलरों पर स्टॉक लिमिट लागू रहेगी। इस नियम के तहत, कोई भी डीलर प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक अवधि तक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा। इसके अतिरिक्त, किसी भी समय और स्थान पर देश में 4000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, सरकारी खातों और राज्य सरकार द्वारा नामित डीलरों के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरण के लिए रखे गए स्टॉक पर नियमानुसार छूट दी गई है।
सभी डीलरों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के निर्धारित पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं, चीनी के स्टॉक की स्थिति घोषित करें और प्रत्येक शुक्रवार को अपने स्टॉक की जानकारी को अपडेट करें। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
पंजीकरण और स्टॉक घोषणा की अनिवार्यता
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार की अधिकृत सूची के अनुसार, बलरामपुर जिले में चीनी के तीन अधिकृत स्टॉकिस्ट हैं। उन्होंने जिले के समस्त चीनी थोक व्यापारियों और कारोबारियों का निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित कराने का आदेश दिया। सभी व्यापारियों को अपने स्टॉक की स्थिति नियमित रूप से घोषित और अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया का पालन न करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में चीनी के थोक व्यापारियों के स्टॉक की आकस्मिक जांच की जाए। यदि किसी भी व्यापारी द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण, जमाखोरी या कालाबाजारी का मामला सामने आता है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी उत्पन्न न होने पाए।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि जनपद बलरामपुर में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर प्रसारित की जा रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से आमजन भ्रमित न हों। लोगों को यह विश्वास दिलाया गया है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुरूप खुले बाजार से सुगमता से चीनी प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन चीनी की उपलब्धता, स्टॉक और बाजार मूल्य की नियमित निगरानी कर रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आम उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में और उचित मूल्य पर चीनी उपलब्ध होती रहे।
