बलरामपुर में आपदा प्रबंधन अभ्यास: सुरक्षा तैयारियों को परखा गया
बलरामपुर में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें भूकंप, रासायनिक रिसाव और आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकारी तंत्र...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 18 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार एक वृहद राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की सीधी निगरानी में जिले की तीनों तहसीलों में आयोजित इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भूकंप, औद्योगिक रसायनों के रिसाव और अग्निकांड जैसी गंभीर आपात स्थितियों के प्रति सरकारी तंत्र की तत्परता एवं प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना था।
इस मॉक ड्रिल के दौरान, बलरामपुर चीनी मिल के एथनॉल प्लांट में एक काल्पनिक रासायनिक रिसाव और आग लगने की स्थिति उत्पन्न की गई। घटना की सूचना मिलते ही इंसीडेंट कमांडर एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप केला ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क किया। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह और मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता के नेतृत्व में एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, एसएसबी और चीनी मिल की सुरक्षा टीमों ने संयुक्त अभियान चलाते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस अभ्यास के तहत मिल में फंसे लगभग पंद्रह मजदूरों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें अविलंब चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
आपदा के प्रति जागरूकता और तैयारी
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि बलरामपुर जिला भूकंप की दृष्टि से जोन-4 में आता है। इस परिप्रेक्ष्य में, इस प्रकार के अभ्यास न केवल कर्मचारियों बल्कि आम नागरिकों को भी आपदा के प्रति जागरूक करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने इस ड्रिल को सामुदायिक संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे वास्तविक संकट की घड़ी में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने इसे उपलब्ध संसाधनों के आधुनिकीकरण तथा प्रतिक्रिया समय में सुधार लाने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में रेखांकित किया।
विभिन्न तहसीलों में सुरक्षा अभ्यास
जिले की अन्य तहसीलों में भी यह मॉक ड्रिल अत्यंत सक्रियता से संपन्न हुई। तुलसीपुर तहसील परिसर में अग्निशमन विभाग द्वारा आग से बचाव के उपायों का सजीव प्रदर्शन किया गया। वहीं, उतरौला स्थित मो0 यूसुफ उस्मानी इंटर कालेज में भूकंप की स्थिति में स्कूली बच्चों को सुरक्षित रूप से निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। इस दौरान छात्रों को बचाव कार्यों के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस संबंध में विस्तृत जानकारी और प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल को सफल बनाने के लिए अपर जिलाधिकारी संदीप केला, आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह और विभिन्न उप-जिलाधिकारियों (एसडीएम) को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। इस समग्र अभियान में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), सेना और विद्युत विभाग सहित कई अन्य महत्वपूर्ण एजेंसियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, जो विभिन्न सरकारी तंत्रों के बीच प्रभावी समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा।
