बलरामपुर में आंगनबाड़ी बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन की शुरुआत, अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल
बलरामपुर में कुपोषण के खिलाफ सेवा संकल्प अभियान के तहत 60 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पौष्टिक आहार देने की पहल शुरू हुई। केंद्रीय राज्यमंत्री...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 1 अक्टूबर 2026
बलरामपुर जिले में कुपोषण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। रेहरा ब्लॉक के 60 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत एक नई योजना का आगाज हुआ है। इस पहल का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और स्थानीय विधायक रामप्रताप वर्मा ने घासीपोखरा स्थित कार्यक्रम स्थल से किया।
यह पहल प्रशासन और जोमैटो फीडिंग इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में संचालित होगी। इसका मुख्य लक्ष्य बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित करते हुए कुपोषण की दर में कमी लाना है। पौष्टिक भोजन के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
आयोजन स्थल पर दिखी अव्यवस्थाएं
हालांकि, पौष्टिक भोजन जैसी संवेदनशील पहल के शुभारंभ के दौरान प्रशासनिक तैयारियों में गंभीर खामियां सामने आईं। कार्यक्रम स्थल पर तेज गर्मी और उमस के बीच पंखे बंद पाए गए। उपस्थित महिलाओं और बच्चों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई महिलाएं गर्मी से बेहाल नजर आईं और अपने पल्लू से हवा करती दिखीं।
कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों के लिए भी बैठने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे अव्यवस्था और भी बढ़ गई। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु कुमार की मौजूदगी के बावजूद पेयजल और गर्मी से बचाव के पुख्ता इंतजाम नदारद रहे। कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की कमी स्थानीय लोगों और उपस्थित अतिथियों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
बच्चों के पोषण जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में मूलभूत सुविधाओं की कमी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस तरह की लापरवाहियां भविष्य में होने वाले ऐसे आयोजनों की तैयारियों पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं। यह घटना दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन से पहले उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना कितना आवश्यक है, ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
