बलरामपुर में आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था ध्वस्त, हजारों उपभोक्ता अंधेरे में
बलरामपुर में भीषण आंधी-बारिश ने बिजली व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। करीब 470 पोल और 45 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए, हजारों उपभोक्ता 40 घंटे से अंधेरे...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 27 सितंबर 2026
बलरामपुर जिले में पिछले तीन दिनों से जारी भीषण आंधी और मूसलाधार बारिश ने समूचे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण जिले भर में सैकड़ों बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिसके चलते शहरी और ग्रामीण इलाकों के हजारों उपभोक्ता पिछले कई घंटों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। रविवार देर रात तक भी जिले के आधे शहरी क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा ने लगभग 470 विद्युत पोलों को धराशायी कर दिया है, जबकि 45 ट्रांसफार्मर भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 33/11 केवी की तीन मुख्य विद्युत लाइनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण शहरी उपभोक्ताओं को लगातार 30 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। मरम्मत कार्यों के बाद भगवतीगंज और पूरबटोला विद्युत उपकेंद्रों के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति आंशिक रूप से बहाल हो पाई है, लेकिन नगरीय विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले आधे शहर में 40 घंटे बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है।
शहरी इलाकों में 40 घंटे बाद भी बिजली नदारद
सिविल लाइन, पहलवारा, अचलापुर, नीलकोठी, खमौवा और विशुनापुर जैसे 10 से अधिक मोहल्लों के निवासी दो रातें बिना बिजली के गुजारने को मजबूर हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं, जिनमें रमेश, राजन, महेश और रोहित शामिल हैं, ने बताया कि बिजली न होने के कारण उनके मोबाइल फोन और इन्वर्टर डिस्चार्ज हो गए हैं। इस अव्यवस्था का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन पर पड़ा है, जिससे उनकी नींद भी प्रभावित हो रही है। बिजली की यह अनिश्चितता शहरी जीवन को अस्त-व्यस्त किए हुए है और लोग जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद कर रहे हैं। मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के लिए लोग अब जनरेटर या बाहरी स्रोतों पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे अतिरिक्त व्यय का बोझ भी बढ़ गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों की बदतर स्थिति, पेयजल संकट गहराया
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति और भी भयावह बनी हुई है। श्रीदत्तगंज के मुजहना गांव में विद्युत पोल गिरने से तार घरों की छतों पर लटक गए हैं, जिससे सुरक्षा का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीण निवासियों को इन लटकते तारों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है, लेकिन अक्सर ये तार खुले स्थानों और रास्तों के करीब होने से खतरा और बढ़ जाता है। पिपरहवा चौराहा क्षेत्र के पूरनपुर, कल्याणपुर, नंदमहरा, रेहरा और भंगहा कला सहित 20 गांवों में पिछले चार दिनों से बिजली की आपूर्ति बाधित है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली के अभाव में पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे पेयजल की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। कृषि कार्यों के लिए सिंचाई भी प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हरैया सतघरवा उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 300 गांवों में चौथे दिन रविवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। बेलवा, परसपुर कमदा, धौरी कला और धरमपुर जैसे गांवों के निवासी शुभम तिवारी, बब्लू और हरिकांत यादव ने बताया कि बिजली के उपकरणों के ठप होने से रोजमर्रा का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। घरेलू कामकाज से लेकर पशुपालन तक, हर क्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
डीजल की किल्लत ने बढ़ाई आमजन की मुश्किलें
इस संकट के बीच, तुलसीपुर में जनरेटर चलाने के लिए डीजल की भारी कमी देखी गई। लाल चौराहा और कलश चौराहा स्थित पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध न होने से आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पंप संचालकों ने तकनीकी खराबी और रविवार होने के कारण आपूर्ति में बाधा आने का तर्क दिया है। इस तर्क से असंतुष्ट कई उपभोक्ताओं ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय निवासी अमित कसौधन और संजय गुप्त के अनुसार, बिजली कटौती के साथ-साथ डीजल की अनुपलब्धता ने व्यापारिक गतिविधियों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। छोटे व्यापारी और दुकानदार जनरेटर के सहारे अपना व्यवसाय चलाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन डीजल की कमी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
मरम्मत कार्यों में आ रही बाधाएं, विभाग के दावों पर सवाल
विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर चौरसिया ने स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि आंधी-बारिश से विभाग को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और विभाग के कर्मी क्षतिग्रस्त पोल व ट्रांसफार्मरों को ठीक करने में पूरी तरह जुटे हुए हैं। चौरसिया के अनुसार, रविवार को अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई थी और शेष इलाकों में सोमवार सुबह तक स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत कार्यों की गति धीमी है और कई स्थानों पर अभी भी काम शुरू नहीं हुआ है। विभाग के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर उपभोक्ताओं की परेशानी को और बढ़ा रहा है। बिजली के खंभे गिरने से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में भीती का माहौल है, वहीं शहरी क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन कटौती ने लोगों को हताश कर दिया है। अधिकारियों से तत्काल व्यवस्था सुधारने की गुहार लगाई जा रही है, ताकि जनजीवन पुनः पटरी पर लौट सके और दैनिक कामकाज सुचारू रूप से चल सकें।
