बलरामपुर में आंधी-बारिश से 300 पोल गिरे, ग्रामीण क्षेत्रों में तीन दिन लग सकते हैं बिजली बहाली में
बलरामपुर में दो दिनों की मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। करीब 300 बिजली के पोल गिर गए हैं, जिससे...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 26 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और विनाशकारी तेज हवाओं के कारण बड़े पैमाने पर विद्युत अव्यवस्था फैल गई है। आंधी-तूफान के कारण जिले भर में लगभग 300 बिजली के पोल धराशायी हो गए हैं, 130 स्थानों पर बिजली के तार टूट गए हैं और 40 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके परिणामस्वरूप, जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक, लाखों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
बिजली विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा ने जिले की विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया है। शहरी क्षेत्रों में भी बिजली की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, जिससे निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय पर शनिवार तड़के 3 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली गुल रही। भगवतीगंज, पहलवारा, खमौवा, उतरौला और तुलसीपुर मार्गों पर पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आपूर्ति ठप हो गई। अचलापुर, स्पोर्ट्स स्टेडियम, सुआव पुल और आनंदबाग के आसपास भी पोल गिरने की घटनाओं ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया। पूरबटोला, भगवतीगंज और विशनापुर जैसे उप-केंद्रों से 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहने से उपभोक्ताओं को पानी की मोटर न चलने और मोबाइल चार्ज न होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासी संतोष, सोनू, मनोज, योगेश और रविंद्र ने अपनी परेशानी व्यक्त की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर स्थिति, तीन दिन तक बिजली बहाली की उम्मीद
ग्रामीण अंचलों में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है, जहां बिजली आपूर्ति बहाल होने में तीन दिनों तक का समय लग सकता है। महाराजगंज तराई क्षेत्र के हरैया फीडर से जुड़ी बिजली आपूर्ति पिछले 36 घंटे से बाधित है। इस कारण बदलपुर, उदईपुर, छतुवापुर, नेवासपुर, दुदुरा, खैरी-खैरा, जयशनडीह, केवलपुर, बड़वा, कोहरौड़ा, अलाहडीह, प्रेमनगर, मदरहवा, लालनगर सिपहिया, जुम्मनडीह, महादेव और जमुनी सहित लगभग 30 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। स्थानीय उपभोक्ताओं, जैसे मुजीब अहमद, उतमदयाल, शमशाद, संतोष दूबे और रफातुल्ला ने शिकायत की है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उपखंड अभियंता (जेई) दयाराम ने बताया कि 33 केवी लाइन में एक बड़ा ब्रेकडाउन हुआ है और विभाग पेट्रोेलिंग के माध्यम से जल्द से जल्द आपूर्ति शुरू करने का प्रयास कर रहा है।
श्रीदत्तगंज क्षेत्र के जिगना उपकेंद्र से जुड़े लगभग 20 गांवों में तीन दिनों से बिजली की आपूर्ति ठप है। इसी प्रकार, हरैया सतघरवा क्षेत्र के 50 गांवों में भी बिजली बहाल नहीं हो सकी है। शिवकुमार, शुभम तिवारी, बब्लू, हरिकांत यादव, सौरभ कुमार पांडेय, स्वामी दयाल, राजबहादुर, सुरेश कसौधन, रोहित कुमार तिवारी, आलोक कुमार, सलमान अहमद और दिनेश कुमार जैसे स्थानीय निवासियों ने बताया कि बिजली उपकरणों के बंद होने और मोबाइल फोन के डिस्चार्ज होने के कारण बाहरी दुनिया से संपर्क साधना अत्यंत कठिन हो गया है। उतरौला, तुलसीपुर, पचपेड़वा और गैसड़ी शहरों में भी 15 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही है।
मरम्मत कार्य जारी, विभाग युद्धस्तर पर जुटा
अधिशासी अभियंता पवन कुमार राय ने स्पष्ट किया है कि विभाग के संविदा कर्मी और ठेकेदार की टीमें इस विकट परिस्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि रास्तों को साफ करने और अवरोधों को दूर करने के लिए वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका प्रशासन का भी सहयोग लिया जा रहा है। श्री राय ने उम्मीद जताई है कि नगरीय क्षेत्रों में देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल हो जाने की संभावना है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में हुई व्यापक क्षति को देखते हुए, बिजली बहाली में दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय लग सकता है। विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को बदला जा रहा है और टूटे हुए तारों को जोड़ा जा रहा है। ट्रांसफार्मर की मरम्मत और प्रतिस्थापन का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर ग्रामीण और शहरी अवसंरचना की कमजोरियों को उजागर किया है। बिजली आपूर्ति की बहाली में हो रही देरी से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, खासकर छोटे व्यवसायों और कृषि पर जो बिजली पर निर्भर हैं। विभाग के अधिकारी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रयासरत हैं। आपूर्ति को सामान्य बनाने के लिए, जेई दयाराम के नेतृत्व में टीमें 33 केवी लाइन के ब्रेकडाउन को ठीक करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, हरैया सतघरवा क्षेत्र में, स्थानीय लोगों की मदद से गिरे हुए पेड़ों को हटाकर बिजली लाइनों को सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारी उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहे हैं और उन्हें आश्वासन दे रहे हैं कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है ताकि बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो सके। प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
