बलरामपुर में 65 हजार टन कचरे का होगा वैज्ञानिक निस्तारण, दो करोड़ से अधिक की स्वीकृति
बलरामपुर नगर पालिका को 65,000 मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए दो करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति मिली है। इससे...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 1 अक्टूबर 2026
बलरामपुर को स्वच्छ, सुंदर और कूड़ा-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, नगर पालिका परिषद को वर्षों से जमा लगभग 65,000 मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए दो करोड़ 62 लाख 94 हजार रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह राशि अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीनरी की स्थापना के लिए आवंटित की गई है, जो शहर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू के अथक प्रयासों से यह स्वीकृति संभव हुई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को साकार करने में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन का भी विशेष योगदान रहा है। प्रस्तावित अत्याधुनिक मशीनरी का उपयोग करके, वर्षों से जमा कचरे के विशाल ढेर की छंटाई, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा। इससे पुराने कचरे के जमाव को समाप्त करने और शहर के पर्यावरण व स्वच्छता मानकों को उन्नत करने में ठोस प्रगति सुनिश्चित होगी।
आधुनिक तकनीक से पुराने कचरे का निपटान
लिगेसी वेस्ट के इस वैज्ञानिक निस्तारण से कचरा निस्तारण स्थलों पर लंबे समय से बने कचरे के बोझ में कमी आएगी। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए, कचरे के विभिन्न घटकों को अलग किया जाएगा और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार उनका प्रभावी ढंग से निपटान किया जाएगा। नगर पालिका प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बलरामपुर को एक स्वच्छ, सुंदर और कूड़ा-मुक्त शहर के रूप में स्थापित करना है।
नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना पालिका की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की स्वीकृति से वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर, बलरामपुर की स्वच्छता व्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी और स्वच्छता के क्षेत्र में शहर की एक विशिष्ट पहचान स्थापित होगी। नगर को व्यवस्थित बनाने के लिए भविष्य में भी सुनियोजित तरीके से कार्य जारी रखा जाएगा।
