बलरामपुर में 40 दिव्यांग बच्चों को मिले हियरिंग मशीन, एमआर किट और स्मार्ट केन
बलरामपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत 40 दिव्यांग बच्चों को हियरिंग मशीन, एमआर किट और स्मार्ट केन जैसे सहायक उपकरण बांटे गए। जिला पंचायत...

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 17 सितंबर 2026
बलरामपुर के बचपन डे केयर सेंटर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में चालीस दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इस वितरण समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की दैनिक चुनौतियों को कम करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहायता प्रदान करना है।
वितरित किए गए उपकरणों में पच्चीस हियरिंग मशीन, दस एमआर किट और पांच स्मार्ट केन शामिल हैं। हियरिंग मशीन श्रवण बाधित बच्चों के संवाद को बेहतर बनाने में सहायक होगी। एमआर किट विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के कौशल विकास और प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, वहीं स्मार्ट केन दृष्टिबाधित बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगी।
बच्चों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता में वृद्धि
जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना एक सामूहिक प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा और प्रशिक्षण पर निरंतर ध्यान देने का आग्रह किया। सुश्री तिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि सहायक उपकरण बच्चों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे वे जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिक सशक्त महसूस करते हैं।
यह पहल बचपन डे केयर सेंटर द्वारा बच्चों के समग्र विकास के लिए की जा रही निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने दिव्यांग बच्चों के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया है। इन उपकरणों को प्राप्त करने के बाद बच्चों और उनके अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखा गया। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने भविष्य में भी ऐसी कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार कर विशेष बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
सुश्री आरती तिवारी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को परिभाषित नहीं करती है, बल्कि यह समाज की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जिससे वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें। उन्होंने बचपन डे केयर सेंटर के कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना की, जो इन विशेष बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
एमआर किट, जिसमें विशेष रूप से डिजाइन की गई शैक्षिक और विकासात्मक सामग्री शामिल है, बच्चों को उनकी संज्ञानात्मक और मोटर कौशल विकसित करने में मदद करेगी। यह किट थेरेपिस्ट और शिक्षकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित होगी, जो बच्चों को व्यक्तिगत सीखने की योजनाएं प्रदान कर सकते हैं। हियरिंग मशीनों से न केवल बच्चों की सुनने की क्षमता में सुधार होगा, बल्कि इससे उनके सामाजिक मेलजोल और शैक्षणिक प्रदर्शन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
स्मार्ट केन, उन्नत सेंसर से लैस, दृष्टिबाधित बच्चों को बाधाओं का पता लगाने और स्वतंत्र रूप से घूमने में सक्षम बनाएगी। यह उपकरण न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा, जिससे वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इन सहायक उपकरणों के वितरण से न केवल बच्चों को तत्काल लाभ मिलेगा, बल्कि यह उनके दीर्घकालिक विकास और समाज में सक्रिय भागीदारी के लिए एक मजबूत नींव भी रखेगा।
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों की सेवा करना है। दिव्यांग बच्चों को विशेष सहायता प्रदान करना इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिला प्रशासन और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग मिलकर ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से करने की योजना बना रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को इन लाभों से जोड़ा जा सके।
