बलरामपुर में 30 उत्कृष्ट शिक्षकों को 'गुरु वंदन' में किया गया सम्मानित
बलरामपुर में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा आयोजित 'गुरु वंदन' कार्यक्रम में जिले के 30 मेधावी शिक्षकों को उत्कृष्ट कार्य के लिए अंगवस्त्र और पुस्तकें भेंट...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 17 सितंबर 2026
बलरामपुर जिले में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई द्वारा एमएलके पीजी कॉलेज के सभागार में 'गुरु वंदन' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी समारोह में जिले के विभिन्न विकासखंडों से चयनित 30 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके सराहनीय शैक्षिक और विद्यालयीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इन होनहार शिक्षकों को अंगवस्त्र और ज्ञानवर्धक पुस्तकें प्रदान की गईं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एमएलके पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. जेपी पांडेय ने की, जबकि श्रावस्ती के जिला पंचायत अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में शिक्षकों की भूमिका को केवल विषय ज्ञान तक सीमित न बताते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण का अहम स्तम्भ बताया। उन्होंने बदलते सामाजिक परिदृश्य में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ संस्कार देने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सचेत करने पर विशेष बल दिया।
शिक्षकों के योगदान का सम्मान और नैतिक मूल्यों का संवर्धन
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष विकास कांत पांडेय ने संगठन की मजबूती पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक सदैव संघर्ष और समस्याओं के समाधान के लिए अग्रणी रहते हैं। इस अवसर पर वित्त एवं लेखाधिकारी विवेक कुमार पांडेय, नीलमणि शुक्ला, डॉ. रामानंद त्रिपाठी और आनंद मोहन मिश्रा जैसे गणमान्य व्यक्ति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. प्रकाश मिश्रा ने किया।
समारोह में अंकुर प्रताप सिंह, राधा मोहन पांडेय, मनमोहन सिंह, संजय त्रिपाठी, रवि ज्योति मिश्रा, देवेंद्र त्रिपाठी, अभ्युदय सिंह और मीडिया प्रभारी अग्निशेखर मिश्र सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के अमूल्य योगदान को नमन करना और शिक्षा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करना था। सभी वक्ताओं ने एक स्वर से राष्ट्र के निर्माण में गुरु की सर्वोपरि भूमिका को रेखांकित किया।
