बलरामपुर में 2026-27 हेतु खेल प्रतियोगिताओं की जिम्मेदारी विद्यालयों को सौंपी गई
बलरामपुर में शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु जनपदीय क्रीड़ा समिति की बैठक हुई। जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद की अध्यक्षता में विभिन्न खेल आयोजनों की जिम्मेदारी...

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 28 जुलाई 2026
बलरामपुर जनपद में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए आयोजित होने वाली जिला स्तरीय और मंडल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को डायट हॉल में संपन्न हुई। शिक्षा निदेशक कार्यालय, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) मृदुला आनंद ने की। इस अवसर पर स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और माध्यमिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में होने वाली प्रतियोगिताओं के सफल और समयबद्ध आयोजन पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जनपद के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों को विभिन्न खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई, साथ ही कार्यक्रमों का भी आवंटन किया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि शासन के निर्देशानुसार, प्रत्येक विद्यालय प्रत्येक दशा में कम से कम दो खेलों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करेगा। इस निर्णय का उद्देश्य विद्यार्थियों की खेल भावना को बढ़ावा देना और उन्हें विभिन्न खेल विधाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
विभिन्न खेलों के आयोजन हेतु विद्यालयों का आवंटन
जनपदीय क्रीड़ा समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिसके तहत विभिन्न खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी जनपद के चुनिंदा विद्यालयों को सौंपी गई है। हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती विद्यामंदिर द्वारा किया जाएगा, जबकि तैराकी प्रतियोगिता बसंत लाल इंटर कॉलेज, तुलसीपुर को सौंपी गई है। बैडमिंटन प्रतियोगिता का जिम्मा सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज, गालिबपुर को मिला है।
इसी क्रम में, फुटबॉल प्रतियोगिता भारतीय विद्यालय, उतरौला में आयोजित होगी। निशानेबाजी प्रतियोगिता एम.वाई. उस्मानी इंटर कॉलेज, उतरौला द्वारा संचालित की जाएगी। राम शंकर भारतीय विद्यालय इंटर कॉलेज को कबड्डी की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं एल.एम.टी. पचपेड़वा को खो-खो का आयोजन करना होगा। स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज को शूटिंग, जबकि मोहनलाल राम लाल इंटर कॉलेज, शिवपुरा को योगासन प्रतियोगिता का दायित्व सौंपा गया है।
क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन मॉडर्न इंटर कॉलेज करेगा, वहीं अंडर-14 बालक और बालिका वर्ग की क्रिकेट प्रतियोगिताओं के लिए सी.एम.एस. इंटर कॉलेज को जिम्मेदारी दी गई है। ए.जी. हाशमी इंटर कॉलेज सेपक टकरा, कुराश, वुशु और ताइक्वांडो जैसी खेल विधाओं का आयोजन करेगा। हाजी इस्माइल इंटर कॉलेज ताइक्वांडो के आयोजन में सहयोग करेगा, जबकि फजले रहमानिया इंटर कॉलेज पचपेड़वा वॉलीबॉल प्रतियोगिता का संचालन करेगा। सरदार पटेल इंटर कॉलेज को बैडमिंटन की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिली है। शतरंज प्रतियोगिता एच.आर.ए. इंटर कॉलेज, उतरौला में आयोजित की जाएगी। इन जिला स्तरीय आयोजनों के अतिरिक्त, फुटबॉल, एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, कुश्ती सहित अन्य मंडलीय खेल प्रतियोगिताओं का भी संबंधित विद्यालयों को आवंटन किया गया है। एमपीपी इंटर कॉलेज जनपदीय व मंडलीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के आयोजन का प्रमुख केंद्र होगा।
खेलों के कुशल संपादन हेतु निर्णायक समिति का गठन
जनपदीय क्रीड़ा समिति के गठन के साथ ही, जिले के 10 व्यायाम शिक्षकों को खेल आयोजनों में सक्रिय रूप से उपस्थित रहकर खेल कराने का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। इन शिक्षकों को मंडलीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं के नियमानुसार आयोजन सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। संबंधित प्रधानाचार्यों और खेल शिक्षकों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि सभी कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।
जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में स्कूली खेलों के स्तर में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि सत्र 2025 में दो विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में और चार शिक्षक कोच एवं प्रबंधक के रूप में पहली बार प्रतिभाग कर चुके हैं, जो जनपद के लिए एक गौरव का क्षण था।
डीआईओएस आनंद ने आगे बताया कि मंडल स्तर पर आयोजित होने वाले सभी खेलों के सफल आयोजन की जिम्मेदारी जिला खेल समिति को सौंपी गई है। इन आयोजनों के निर्विवाद और निष्पक्ष संपादन के लिए, विशेषज्ञ दस व्यायाम शिक्षकों की एक निर्णायक समिति का गठन किया गया है। इस समिति का नेतृत्व जिला खेल सचिव मो. सुहेल करेंगे। ये व्यायाम शिक्षक जिला और मंडलीय खेल प्रतियोगिताओं के दौरान क्रीड़ा स्थलों पर उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में खेलों का महत्व
जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने जोर देकर कहा कि खेल गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने सभी आयोजक विद्यालयों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगिताएं आयोजित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया कि संपादित खेलों के परिणाम और चयनित खिलाड़ियों से संबंधित सभी प्रपत्र आयोजन के दो दिनों के भीतर कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ियों को अगले स्तर के खेलों में समय पर प्रतिभाग करने का अवसर मिल सके और वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन बेहतर ढंग से कर सकें।
बैठक में जिला क्रीड़ा सचिव मो. सुहेल ने विगत वर्ष के आयोजनों का विस्तृत ब्यौरा और आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रदेशीय और राष्ट्रीय स्तर पर दो खिलाड़ियों और चार शिक्षकों की प्रतिभागिता का समस्त व्यय जिला कोष से वहन किया गया था।
इस अवसर पर जिला खेल कोषाध्यक्ष कुमेश कुमार सरोज, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. चंदन पांडे, साधना पांडे, रीता चौधरी, मुजीबुल हसन, असीम, हफीजुर्रहमान, अन्नपूर्णा देवी, राम शंकर यादव, वी.के. शुक्ला, अभय शंकर सहित दर्जनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य और व्यायाम शिक्षक नसीम अहमद, राजेश श्रीवास्तव, उमेश कुमार, अभय, नवीन पाल, सईद अहमद, मदन लाल, पंकज पाण्डेय, प्रशांत सिंह, नन्हे प्रसाद, रश्मि सिंह, अंशु वर्मा, स्मृति पाठक, अंजुम शकील, अर्पण पाण्डेय, उमेश तिवारी आदि उपस्थित रहे।
